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राष्ट्रीय हरित अधिकरण Previous Year Questions (PYQs)
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Solved Previous Year Questions
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से किस प्रकार भिन्न है?
- NGT एक अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया है जबकि CPCB सरकार के कार्यकारी आदेश द्वारा सृजित किया गया है।
- NGT पर्यावरणीय न्याय प्रदान करता है और उच्च न्यायालयों में मुकदमेबाजी के बोझ को कम करने में मदद करता है जबकि CPCB जलधाराओं और कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देता है, और देश में वायु की गुणवत्ता में सुधार का लक्ष्य रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न NGT (एक न्यायिक निकाय) और CPCB (एक नियामक निकाय) के बीच अंतर का परीक्षण करता है। केवल कथन 2 उनकी संबंधित भूमिकाओं का सही वर्णन करता है, जबकि कथन 1 गलत तरीके से दावा करता है कि CPCB कार्यकारी आदेश द्वारा बनाया गया था।
❌ कथन 1 – गलत: NGT और CPCB दोनों संसद के अधिनियमों द्वारा स्थापित सांविधिक निकाय हैं। NGT की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत की गई थी, जबकि CPCB का गठन जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत किया गया था। कोई भी कार्यकारी आदेश द्वारा नहीं बनाया गया था।
✅ कथन 2 – सही: NGT एक विशेष पर्यावरण न्यायालय है जो पर्यावरणीय विवादों के लिए त्वरित न्याय प्रदान करता है और उच्च न्यायालयों पर मुकदमेबाजी के बोझ को कम करता है, जबकि CPCB एक नियामक निकाय है जो प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार है, जिसमें जल निकायों की स्वच्छता बनाए रखना और वायु गुणवत्ता में सुधार शामिल है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: NGT बनाम CPCB
| मानदंड | राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) | केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) |
|---|---|---|
| स्थापना | राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 | जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 |
| प्रकृति | अर्ध-न्यायिक निकाय | सांविधिक नियामक प्राधिकरण |
| प्राथमिक कार्य | पर्यावरणीय विवादों का न्यायनिर्णयन और पर्यावरणीय न्याय प्रदान करना | प्रदूषण नियंत्रण कानूनों की निगरानी, विनियमन और प्रवर्तन |
| संरचना | न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्य (पर्यावरण विशेषज्ञ) | तकनीकी और प्रशासनिक विशेषज्ञ |
| मुख्य भूमिका | पर्यावरण संरक्षण, वन संरक्षण से संबंधित मामलों की सुनवाई और त्वरित निपटान | प्रदूषण मानक निर्धारित करना, वायु और जल गुणवत्ता की निगरानी, और सरकार को सलाह देना |
| अपील तंत्र | अपील सर्वोच्च न्यायालय में जाती है | निर्णयों को न्यायालयों में चुनौती दी जा सकती है |
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