UPSC CSE Prelims
भारत एवं उसके पड़ोसी देश Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: भारत एवं उसके पड़ोसी देश
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सूची I को सूची II से मिलाएं और सूचियों के नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
| सूची I (बिम्सटेक केंद्र/प्रतिष्ठान) | सूची II (स्थान) |
|---|---|
| A. BIMSTEC Cultural Industries Observatory | 1. NOIDA |
| B. BIMSTEC Energy Centre | 2. Bengaluru |
| C. BIMSTEC Centre for Weather and Climate | 3. Colombo |
| D. BIMSTEC Technology Transfer Facility | 4. Thimphu |
Detailed Explanation:
| केंद्र | स्थान | मेजबान संस्था | मुख्य विवरण |
|---|---|---|---|
| A. BIMSTEC सांस्कृतिक उद्योग वेधशाला | 4. थिम्पू, भूटान | — | 3rd BIMSTEC शिखर सम्मेलन (2014) में MoU |
| B. BIMSTEC ऊर्जा केंद्र | 2. बेंगलुरु, भारत | केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान | क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग और ग्रिड अंतर्संयोजन |
| C. BIMSTEC मौसम और जलवायु केंद्र | 1. नोएडा, भारत | NCMRWF | क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान और आपदा तैयारी |
| D. BIMSTEC प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सुविधा | 3. कोलंबो, श्रीलंका | — | 5th BIMSTEC शिखर सम्मेलन (2022) में MoA |
निम्नलिखित में से कौन सी कनेक्टिविटी परियोजना भारत और आसियान सदस्य देशों के बीच सहयोग का हिस्सा है/हैं?
- कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट
- आईएमटी त्रिपक्षीय राजमार्ग
- अगरतला-अखौरा रेल लाइन
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। कलादान मल्टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट जोड़ता है:
- कोलकाता (भारत) → सिट्वे बंदरगाह (म्यांमार) समुद्र मार्ग से
- सिट्वे → मिजोरम (भारत) नदी और सड़क मार्ग से
चूँकि म्यांमार ASEAN का सदस्य है, यह एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत भारत-ASEAN संपर्क परियोजना है।
कथन 2 — सही। भारत-म्यांमार-थाईलैंड (IMT) त्रिपक्षीय राजमार्ग म्यांमार के रास्ते मोरेह (भारत) को मे सोट (थाईलैंड) से जोड़ता है। म्यांमार और थाईलैंड दोनों ASEAN सदस्य हैं।
कथन 3 — गलत। अगरतला-अखौरा रेल लाइन अगरतला (त्रिपुरा, भारत) को अखौरा (बांग्लादेश) से जोड़ती है। चूँकि बांग्लादेश ASEAN का सदस्य नहीं है (यह SAARC और BIMSTEC का सदस्य है), यह भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय सहयोग के अंतर्गत आती है।
मुख्य ट्रिक: बांग्लादेश को अक्सर दक्षिण-पूर्व एशियाई संपर्क से जोड़ा जाता है — यह SAARC/BIMSTEC का सदस्य है, ASEAN का नहीं।
भारत को पड़ोसी देशों से जोड़ने वाले नदी पुलों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- फेनी नदी पर बना 'मैत्री सेतु' भारत के रामगढ़ को बांग्लादेश के सबरूम से जोड़ता है।
- झूलाघाट सस्पेंशन ब्रिज भारत को म्यांमार से जोड़ता है।
- मेची पुल और इसके रास्ते भारत में पानीटंकी बाईपास को नेपाल में काकरविट्टा से जोड़ते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। 'मैत्री सेतु' फेनी नदी पर बना है — लेकिन दिशा उल्टी है। यह सबरूम (त्रिपुरा, भारत) को रामगढ़ (बांग्लादेश) से जोड़ता है — न कि भारत में रामगढ़ को बांग्लादेश में सबरूम से।
कथन 2 — गलत। झुलाघाट सस्पेंशन ब्रिज भारत और नेपाल को जोड़ता है — म्यांमार को नहीं। यह महाकाली नदी (भारत में शारदा नदी) पर पिथौरागढ़ जिला, उत्तराखंड को बैतड़ी जिला, नेपाल से जोड़ता है।
कथन 3 — सही। मेची ब्रिज मेची नदी पर पाणितंकी बाईपास (पश्चिम बंगाल, भारत) को काकड़भिट्टा (नेपाल) से जोड़ता है। यह एक महत्वपूर्ण सीमापार व्यापार कड़ी है और भारत में एशियन हाईवे 02 (AH02) का अंतिम बिंदु है।
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सूची I को सूची II से मिलाएं और सूचियों के नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
| सूची I (भारत द्वारा समर्थित परियोजना) | सूची II (देश) |
|---|---|
| A. मंगदेछू जलविद्युत परियोजना | 1. मालदीव |
| B. स्टोर पैलेस का जीर्णोद्धार | 2. अफगानिस्तान |
| C. डिकोया में जिला अस्पताल | 3. भूटान |
| D. सुरक्षा और कानून प्रवर्तन अध्ययन संस्थान | 4. श्रीलंका |
Detailed Explanation:
| सूची I (परियोजना) | सूची II (देश) | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| A. मंगदेछू जलविद्युत परियोजना | 3. भूटान | मंगदेछू नदी पर 720 MW; 2019 में भारत-भूटान PM द्वारा संयुक्त उद्घाटन |
| B. स्टोर पैलेस का जीर्णोद्धार | 2. अफगानिस्तान | काबुल में 19वीं सदी का ऐतिहासिक महल; आगा खान ट्रस्ट के साथ भारत द्वारा जीर्णोद्धार; 2016 |
| C. डिकोया जिला अस्पताल | 4. श्रीलंका | हैटन में 150 बेड अस्पताल; भारतीय मूल के तमिल बागान मजदूरों के लिए |
| D. इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटी एंड लॉ एनफोर्समेंट स्टडीज | 1. मालदीव | अड्डू सिटी में; अब NCPLE; पूर्णतः भारतीय अनुदान सहायता से निर्मित |
Tagging (from Tagging.csv):
| Field | Tag |
|---|---|
| Subject | International Relations |
| Chapter | India and Its Neighbourhood |
| Topic | India–Bhutan Relations / India–Maldives Relations / India–Sri Lanka Relations |
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 21 फरवरी को UNICEF द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस घोषित किया गया है।
- पाकिस्तान की संविधान सभा में बांग्ला को राष्ट्रीय भाषाओं में से एक होने की मांग उठाई गई थी।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस और पाकिस्तान में ऐतिहासिक भाषा आंदोलन के बारे में ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन 1 गलत है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस UNESCO द्वारा घोषित किया गया था, UNICEF द्वारा नहीं। कथन 2 सही है क्योंकि बांग्ला को राष्ट्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने की मांग वास्तव में पाकिस्तान की संविधान सभा में उठाई गई थी, जिसके परिणामस्वरूप ऐतिहासिक भाषा आंदोलन हुआ।
❌ कथन 1 – गलत: अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) UNESCO द्वारा 1999 में घोषित किया गया था, UNICEF द्वारा नहीं। यह 1952 के बांग्ला भाषा आंदोलन के शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है।
✅ कथन 2 – सही: पाकिस्तान की संविधान सभा में 1940 के दशक के अंत और 1950 के दशक की शुरुआत में बांग्ला को पाकिस्तान की राष्ट्रीय भाषाओं में से एक बनाने की मांग उठाई गई थी, जिसके कारण 1952 का भाषा आंदोलन हुआ।
📝 संक्षिप्त नोट्स: अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस और बांग्ला भाषा आंदोलन
- अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस: प्रतिवर्ष 21 फरवरी को मनाया जाता है, जिसे UNESCO द्वारा 1999 में भाषाई और सांस्कृतिक विविधता तथा बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के लिए घोषित किया गया था।
- ऐतिहासिक संदर्भ: यह पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में 21 फरवरी 1952 को बांग्ला भाषा आंदोलन के शहीदों की याद में मनाया जाता है।
- भाषा आंदोलन की पृष्ठभूमि: 1947 में पाकिस्तान के निर्माण के बाद, उर्दू को एकमात्र राष्ट्रीय भाषा घोषित किया गया, जबकि पूर्वी पाकिस्तान में बांग्ला बहुसंख्यक आबादी द्वारा बोली जाती थी।
- संविधान सभा में मांग: बांग्ला विधायकों ने पाकिस्तान की संविधान सभा में उर्दू के साथ-साथ बांग्ला को राष्ट्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने की मांग की।
- 1952 का आंदोलन: 21 फरवरी 1952 को ढाका में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया; पुलिस की गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी मारे गए, जिससे व्यापक आक्रोश फैला।
- परिणाम: अंततः 1956 में बांग्ला को पाकिस्तान की राजभाषा के रूप में मान्यता दी गई, और बाद में 1971 में स्वतंत्रता के बाद यह बांग्लादेश की एकमात्र आधिकारिक भाषा बन गई।
- वैश्विक महत्व: भाषा शहीदों के बलिदान ने भाषाई अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की विश्वव्यापी मान्यता को जन्म दिया।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत-श्रीलंका व्यापार का मूल्य पिछले दशक में लगातार बढ़ा है।
- "वस्त्र और वस्त्र सामग्री" भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार की एक महत्वपूर्ण मद है।
- पिछले पांच वर्षों में, नेपाल दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न दक्षिण एशियाई देशों, विशेष रूप से श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल के साथ भारत के द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के ज्ञान का परीक्षण करता है। केवल कथन 2, भारत और बांग्लादेश के बीच वस्त्र व्यापार के बारे में सही है, जबकि श्रीलंका के साथ निरंतर व्यापार वृद्धि और नेपाल के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार होने के बारे में कथन गलत हैं।
❌ कथन 1 – गलत: भारत-श्रीलंका व्यापार पिछले दशक में लगातार नहीं बढ़ा है; इसमें 2012-13 और 2016-17 में उल्लेखनीय गिरावट आई, जिसने दीर्घकालिक वृद्धि के बावजूद स्थिर वृद्धि पैटर्न को बाधित किया।
✅ कथन 2 – सही: वस्त्र और वस्त्र सामग्री भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय व्यापार की एक महत्वपूर्ण मद है, जिसमें भारत बांग्लादेश को लगभग $2.25 बिलियन मूल्य के वस्त्र उत्पाद निर्यात करता है।
❌ कथन 3 – गलत: नेपाल नहीं, बल्कि बांग्लादेश पिछले पांच वर्षों में दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है, जिसका वित्तीय वर्ष 2018-19 में द्विपक्षीय व्यापार $10 बिलियन से अधिक था।
📝 संक्षिप्त नोट्स: दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के साथ भारत के व्यापार संबंध
| देश | स्थिति | प्रमुख व्यापार विशेषताएं (हाल का डेटा) |
|---|---|---|
| बांग्लादेश | दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार | • द्विपक्षीय व्यापार: ~$10.25 बिलियन (वित्त वर्ष 2018-19) • भारतीय निर्यात: $9.21 बिलियन • भारतीय आयात: $1.04 बिलियन • प्रमुख निर्यात: वस्त्र, मशीनरी, पेट्रोलियम उत्पाद • भारत का उल्लेखनीय व्यापार अधिशेष |
| श्रीलंका | दूसरा प्रमुख व्यापारिक साझेदार | • द्विपक्षीय व्यापार: $6.2 बिलियन (2018-19) • भारतीय निर्यात: $4.7 बिलियन • भारतीय आयात: $1.5 बिलियन • व्यापार में 2012-13 और 2016-17 में गिरावट • भारत निरंतर व्यापार अधिशेष बनाए रखता है |
| नेपाल | महत्वपूर्ण भूमि-आबद्ध पड़ोसी | • द्विपक्षीय व्यापार: ~$7 बिलियन • पारगमन-निर्भर अर्थव्यवस्था • प्रमुख भारतीय निर्यात: पेट्रोलियम, वाहन, मशीनरी • तीसरा सबसे बड़ा दक्षिण एशियाई व्यापारिक साझेदार |
| पाकिस्तान | सीमित औपचारिक व्यापार | • राजनीतिक तनाव के कारण आधिकारिक व्यापार न्यूनतम • महत्वपूर्ण अनौपचारिक/तीसरे देश का व्यापार मौजूद • संभावना $10+ बिलियन अनुमानित |
- भारत-बांग्लादेश वस्त्र व्यापार: द्विपक्षीय वाणिज्य की आधारशिला, जिसमें भारत बांग्लादेश के परिधान उद्योग को कपास, धागे और तैयार वस्त्र उत्पादों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है
- SAFTA (दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र): सार्क राष्ट्रों के बीच अधिमान्य व्यापार ढांचा प्रदान करता है, हालांकि उपयोग उप-इष्टतम बना हुआ है
- व्यापार असंतुलन पैटर्न: भारत आम तौर पर भूटान (जलविद्युत आयात) को छोड़कर अधिकांश दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के साथ व्यापार अधिशेष बनाए रखता है
- कनेक्टिविटी पहल: BBIN (बांग्लादेश-भूटान-भारत-नेपाल) मोटर वाहन समझौता बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है