निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 21 फरवरी को UNICEF द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस घोषित किया गया है।
- पाकिस्तान की संविधान सभा में बांग्ला को राष्ट्रीय भाषाओं में से एक होने की मांग उठाई गई थी।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस और पाकिस्तान में ऐतिहासिक भाषा आंदोलन के बारे में ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन 1 गलत है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस UNESCO द्वारा घोषित किया गया था, UNICEF द्वारा नहीं। कथन 2 सही है क्योंकि बांग्ला को राष्ट्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने की मांग वास्तव में पाकिस्तान की संविधान सभा में उठाई गई थी, जिसके परिणामस्वरूप ऐतिहासिक भाषा आंदोलन हुआ।
❌ कथन 1 – गलत: अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) UNESCO द्वारा 1999 में घोषित किया गया था, UNICEF द्वारा नहीं। यह 1952 के बांग्ला भाषा आंदोलन के शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है।
✅ कथन 2 – सही: पाकिस्तान की संविधान सभा में 1940 के दशक के अंत और 1950 के दशक की शुरुआत में बांग्ला को पाकिस्तान की राष्ट्रीय भाषाओं में से एक बनाने की मांग उठाई गई थी, जिसके कारण 1952 का भाषा आंदोलन हुआ।
📝 संक्षिप्त नोट्स: अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस और बांग्ला भाषा आंदोलन
- अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस: प्रतिवर्ष 21 फरवरी को मनाया जाता है, जिसे UNESCO द्वारा 1999 में भाषाई और सांस्कृतिक विविधता तथा बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के लिए घोषित किया गया था।
- ऐतिहासिक संदर्भ: यह पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में 21 फरवरी 1952 को बांग्ला भाषा आंदोलन के शहीदों की याद में मनाया जाता है।
- भाषा आंदोलन की पृष्ठभूमि: 1947 में पाकिस्तान के निर्माण के बाद, उर्दू को एकमात्र राष्ट्रीय भाषा घोषित किया गया, जबकि पूर्वी पाकिस्तान में बांग्ला बहुसंख्यक आबादी द्वारा बोली जाती थी।
- संविधान सभा में मांग: बांग्ला विधायकों ने पाकिस्तान की संविधान सभा में उर्दू के साथ-साथ बांग्ला को राष्ट्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने की मांग की।
- 1952 का आंदोलन: 21 फरवरी 1952 को ढाका में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया; पुलिस की गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी मारे गए, जिससे व्यापक आक्रोश फैला।
- परिणाम: अंततः 1956 में बांग्ला को पाकिस्तान की राजभाषा के रूप में मान्यता दी गई, और बाद में 1971 में स्वतंत्रता के बाद यह बांग्लादेश की एकमात्र आधिकारिक भाषा बन गई।
- वैश्विक महत्व: भाषा शहीदों के बलिदान ने भाषाई अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की विश्वव्यापी मान्यता को जन्म दिया।
Question 1 of 1 भारत-पाकिस्तान संबंध
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