पर्माकल्चर खेती पारंपरिक रासायनिक खेती से किस प्रकार भिन्न है?
1. पर्माकल्चर खेती एकल-फसल प्रथाओं को हतोत्साहित करती है लेकिन पारंपरिक रासायनिक खेती में एकल-फसल प्रथाएं प्रमुख हैं।
2. पारंपरिक रासायनिक खेती से मृदा लवणता में वृद्धि हो सकती है लेकिन पर्माकल्चर खेती में ऐसी घटना नहीं देखी जाती है।
3. अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पारंपरिक रासायनिक खेती आसानी से संभव है लेकिन पर्माकल्चर खेती ऐसे क्षेत्रों में इतनी आसानी से संभव नहीं है।
4. पर्माकल्चर खेती में पलवार (mulching) का अभ्यास बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन पारंपरिक रासायनिक खेती में यह आवश्यक नहीं है।
नीचे दिए गए कूटों का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — 1, 2 और 4
यह प्रश्न पर्माकल्चर खेती और पारंपरिक रासायनिक खेती के बीच अंतर की समझ की परीक्षा करता है। पर्माकल्चर जैव विविधता, मृदा स्वास्थ्य और पलवार जैसी सतत प्रथाओं पर जोर देता है, जबकि पारंपरिक खेती एकल-फसल और रासायनिक निवेश पर निर्भर करती है जो मृदा गुणवत्ता को खराब कर सकती है।
✅ कथन 1 – सही: पर्माकल्चर खेती एकल-फसल को हतोत्साहित करती है और विविध फसलों के साथ बहु-फसल प्रणाली को बढ़ावा देती है, जबकि पारंपरिक रासायनिक खेती दक्षता और मशीनीकरण की सुविधा के लिए मुख्य रूप से एकल-फसल का उपयोग करती है।
✅ कथन 2 – सही: पारंपरिक रासायनिक खेती कृत्रिम उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग और खराब सिंचाई प्रथाओं के कारण मृदा लवणता का कारण बनती है, जबकि पर्माकल्चर जैविक पदार्थों के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य बनाए रखता है और लवणीकरण को रोकता है।
❌ कथन 3 – गलत: पर्माकल्चर खेती को जल संचयन, पलवार और सूखा-प्रतिरोधी फसलों का उपयोग करके अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में सफलतापूर्वक अभ्यास किया जा सकता है; यह कथन के अनुसार शुष्कता से सीमित नहीं है।
✅ कथन 4 – सही: पलवार पर्माकल्चर में नमी संरक्षण, खरपतवार दमन और मृदा उर्वरता सुधार के लिए एक मुख्य अभ्यास है, लेकिन पारंपरिक रासायनिक खेती में यह आवश्यक नहीं है जो शाकनाशी और सिंचाई पर निर्भर करती है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: पर्माकल्चर बनाम पारंपरिक खेती
| पहलू | पर्माकल्चर खेती | पारंपरिक रासायनिक खेती |
|---|---|---|
| फसल पैटर्न | बहु-फसल, जैव विविधता को प्रोत्साहित | एकल-फसल प्रमुख |
| मृदा स्वास्थ्य | जैविक पदार्थ से बेहतर, कोई लवणता समस्या नहीं | रसायनों से क्षरण, लवणीकरण |
| जल प्रबंधन | वर्षा जल संचयन, नमी संरक्षण | भारी सिंचाई निर्भरता |
| पलवार | आवश्यक अभ्यास | आवश्यक नहीं, शाकनाशी उपयोग |
| रासायनिक उपयोग | न्यूनतम या कोई नहीं | कीटनाशकों और उर्वरकों पर भारी निर्भरता |
| स्थिरता | दीर्घकालिक पारिस्थितिक संतुलन | अल्पकालिक उत्पादकता फोकस |
| अनुकूलनशीलता | अर्ध-शुष्क सहित विभिन्न जलवायु में अनुकूल | विशिष्ट परिस्थितियों की आवश्यकता |
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