भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- संसद के किसी भी सदन या राज्यों की विधानसभाओं में नामांकित सदस्य भी निर्वाचक मंडल में शामिल होने के पात्र हैं।
- निर्वाचित विधानसभा सीटों की संख्या जितनी अधिक होगी, उस राज्य के प्रत्येक विधायक के मत का मूल्य उतना ही अधिक होगा।
- मध्य प्रदेश के प्रत्येक विधायक के मत का मूल्य केरल की तुलना में अधिक है।
- पुडुचेरी के प्रत्येक विधायक के मत का मूल्य अरुणाचल प्रदेश की तुलना में अधिक है क्योंकि पुडुचेरी में कुल जनसंख्या और कुल निर्वाचित सीटों की संख्या का अनुपात अरुणाचल प्रदेश की तुलना में अधिक है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल एक
भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित चार कथनों में से केवल कथन 4 सही है। कथन 1 गलत है क्योंकि नामांकित सदस्य निर्वाचक मंडल का हिस्सा नहीं होते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि विधानसभा सीटों की अधिक संख्या वास्तव में प्रत्येक विधायक के मत के मूल्य को कम करती है (क्योंकि यह हर में है)। कथन 3 गलत है क्योंकि केरल के विधायकों का मत मूल्य (152) मध्य प्रदेश के विधायकों (131) से अधिक है।
❌ कथन 1 – गलत: राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए निर्वाचक मंडल में केवल संसद और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं; नामांकित सदस्य मतदान के पात्र नहीं हैं।
❌ कथन 2 – गलत: विधायक के मत का मूल्य = (राज्य की जनसंख्या ÷ निर्वाचित विधायकों की संख्या) ÷ 1000। हर में निर्वाचित सीटों की अधिक संख्या वास्तव में मत मूल्य को बढ़ाती नहीं, बल्कि घटाती है।
❌ कथन 3 – गलत: 1971 की जनगणना के आधार पर, मध्य प्रदेश के प्रत्येक विधायक का मत मूल्य 131 है, जबकि केरल का 152 है। इसलिए, केरल के विधायकों का मत मूल्य मध्य प्रदेश के विधायकों से अधिक है।
✅ कथन 4 – सही: पुडुचेरी के प्रत्येक विधायक का मत मूल्य (16) वास्तव में अरुणाचल प्रदेश (8) से अधिक है क्योंकि पुडुचेरी में जनसंख्या और निर्वाचित सीटों का अनुपात अधिक है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: राष्ट्रपति निर्वाचन - निर्वाचक मंडल
- निर्वाचक मंडल की संरचना (अनुच्छेद 54): लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं (दिल्ली NCT और पुडुचेरी सहित) के निर्वाचित सदस्य। नामांकित सदस्यों और विधान परिषदों के सदस्यों को बाहर रखा गया है।
- विधायक के मत का मूल्य: सूत्र = (1971 की जनगणना के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या ÷ निर्वाचित विधायकों की कुल संख्या) ÷ 1000
- सांसद के मत का मूल्य: सूत्र = (सभी राज्यों के सभी विधायकों के मतों का कुल मूल्य ÷ दोनों सदनों में निर्वाचित सांसदों की कुल संख्या)
- निर्वाचन की प्रकृति: एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व के माध्यम से अप्रत्यक्ष निर्वाचन
- मुख्य बहिष्करण: नामांकित सांसद और विधायक, विधान पार्षद, और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | प्रति विधायक मत मूल्य (उदाहरण) |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 208 (सर्वाधिक) |
| केरल | 152 |
| मध्य प्रदेश | 131 |
| पुडुचेरी | 16 |
| अरुणाचल प्रदेश | 8 |
| सिक्किम | 7 (न्यूनतम) |
Question 3 of 8 राष्ट्रपति
Practice PYQ questions from this topic across all years
भारत के राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: I....
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: यदि भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन को भारत के उच्...