भारत में काले धन के सृजन के निम्नलिखित में से किस प्रभाव को भारत सरकार के लिए चिंता का मुख्य कारण माना गया है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — कर चोरी के कारण राज्य कोष को राजस्व की हानि।
काले धन के संबंध में भारत सरकार की प्राथमिक चिंता कर राजस्व की पर्याप्त हानि है, जो सीधे तौर पर आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याण कार्यक्रमों को वित्तपोषित करने की राज्य कोष की क्षमता को प्रभावित करती है। जबकि अन्य प्रभाव जैसे अचल संपत्ति में निवेश, अनुत्पादक परिसंपत्तियों या राजनीतिक दान चिंताजनक हैं, सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव व्यवस्थित कर चोरी के कारण सरकार की राजकोषीय क्षमता का क्षरण है। काला धन, अपनी प्रकृति से ही, अघोषित आय का प्रतिनिधित्व करता है जो राज्य को राष्ट्रीय विकास और शासन के लिए आवश्यक संसाधनों से वंचित करता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: काला धन और इसका आर्थिक प्रभाव
- काले धन की परिभाषा: अवैध साधनों से अर्जित आय या वैध साधनों से अर्जित लेकिन कराधान से बचने के लिए कर अधिकारियों को रिपोर्ट नहीं की गई आय।
- प्राथमिक सरकारी चिंता: कर चोरी के माध्यम से राजस्व हानि सीधे सार्वजनिक व्यय को निधि देने की राजकोषीय क्षमता को कमजोर करती है।
- द्वितीयक प्रभाव: संसाधन आवंटन में विकृति, परिसंपत्ति बाजारों (अचल संपत्ति, सोना) में मुद्रास्फीति, और औपचारिक अर्थव्यवस्था को कमजोर करना शामिल है।
- सरकारी उपाय: विमुद्रीकरण (2016), आय घोषणा योजनाएं, बेनामी लेनदेन अधिनियम, काला धन अधिनियम (2015), और संधियों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग।
- आर्थिक प्रभाव: जीडीपी सटीकता कम करता है, समानांतर अर्थव्यवस्था बनाता है, आय असमानता बढ़ाता है, और नियोजित विकास में बाधा डालता है।
- अनुमान चुनौतियां: सटीक रूप से मापना कठिन; विभिन्न अध्ययनों ने ऐतिहासिक रूप से काली अर्थव्यवस्था को जीडीपी के 20-40% पर अनुमानित किया है।
Question 2 of 5 कर प्रणाली
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