भारत में एक वाणिज्यिक बैंक की परिसंपत्तियों में निम्नलिखित में से क्या शामिल नहीं है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — जमा राशियाँ
जमा राशियाँ एक वाणिज्यिक बैंक के लिए देयताएं हैं, परिसंपत्तियां नहीं। वे उस धन का प्रतिनिधित्व करती हैं जो ग्राहकों ने बैंक में रखा है, जिसे बैंक मांग पर या एक निर्दिष्ट समय पर वापस करने के लिए बाध्य है। इसके विपरीत, अग्रिम (ऋण), निवेश, और मांग पर तथा अल्प सूचना पर उधार दी गई राशि सभी परिसंपत्तियां हैं क्योंकि वे बैंक के स्वामित्व वाले संसाधनों या उसे देय धन का प्रतिनिधित्व करती हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: बैंक तुलन पत्र - परिसंपत्तियां बनाम देयताएं
| परिसंपत्तियां (बैंक का स्वामित्व) | देयताएं (बैंक का दायित्व) |
|---|---|
| नकदी: हाथ में और RBI के पास मुद्रा | जमा राशियाँ: मांग जमा, बचत जमा, सावधि जमा |
| RBI के पास शेष: वैधानिक आरक्षित निधि (CRR) | उधार: RBI, अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों से |
| अन्य बैंकों के पास शेष: अंतर-बैंक जमा | अन्य देयताएं: देय बिल, प्रावधान |
| मांग पर और अल्प सूचना पर राशि: अन्य बैंकों को अल्पकालिक उधार | पूंजी और आरक्षित निधि: शेयर पूंजी, आरक्षित निधि और अधिशेष |
| निवेश: सरकारी प्रतिभूतियां, बांड, शेयर | |
| अग्रिम/ऋण: ग्राहकों को ऋण, ओवरड्राफ्ट, नकद साख | |
| स्थिर परिसंपत्तियां: बैंक परिसर, उपकरण, फर्नीचर |
Question 7 of 15 भारत की बैंकिंग संरचना
Practice PYQ questions from this topic across all years
भारत में किसी फर्म के "ब्याज कवरेज अनुपात" (Interest Coverage Ratio) शब्द का क्या महत...
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अध्यक्ष का चयन किसके द्वारा किया जाता है?