भारत में किसी फर्म के "ब्याज कवरेज अनुपात" (Interest Coverage Ratio) शब्द का क्या महत्व है?
- यह एक फर्म के वर्तमान जोखिम को समझने में मदद करता है जिसे बैंक ऋण देने जा रहा है।
- यह एक फर्म के उभरते जोखिम का मूल्यांकन करने में मदद करता है जिसे बैंक ऋण देने जा रहा है।
- ऋण लेने वाली फर्म का ब्याज कवरेज अनुपात का स्तर जितना अधिक होगा, अपने ऋण की सेवा करने की उसकी क्षमता उतनी ही खराब होगी।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1 और 2
ब्याज कवरेज अनुपात (ICR) एक प्रमुख वित्तीय मीट्रिक है जिसका उपयोग बैंकों और लेनदारों द्वारा किसी फर्म की अपनी परिचालन आय से ब्याज दायित्वों को पूरा करने की क्षमता का आकलन करने के लिए किया जाता है। यह वर्तमान साख योग्यता और उधार लेने वाली फर्म के उभरते वित्तीय जोखिमों दोनों का मूल्यांकन करने में मदद करता है।
✅ कथन 1 – सही: ICR वर्तमान जोखिम को समझने में मदद करता है क्योंकि यह दर्शाता है कि क्या फर्म के पास वर्तमान में ब्याज भुगतान को कवर करने के लिए पर्याप्त आय है; कम ICR ऋण सेवा में तत्काल कठिनाई का संकेत देता है।
✅ कथन 2 – सही: ICR उभरते जोखिमों का मूल्यांकन करने में भी मदद करता है; समय के साथ ICR में गिरावट की प्रवृत्ति बढ़ते वित्तीय तनाव और भविष्य में संभावित डिफॉल्ट जोखिम को दर्शाती है।
❌ कथन 3 – गलत: उच्च ICR ऋण सेवा की बेहतर क्षमता को दर्शाता है, खराब नहीं; इसका मतलब है कि फर्म के पास ब्याज दायित्वों को पूरा करने के लिए आरामदायक आय कुशन है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: ब्याज कवरेज अनुपात (ICR)
- परिभाषा: ICR = ब्याज और कर से पूर्व आय (EBIT) ÷ ब्याज व्यय। यह मापता है कि कंपनी अपने परिचालन लाभ से कितनी बार अपने ब्याज दायित्वों का भुगतान कर सकती है।
- व्याख्या: 2.5 या उससे अधिक का ICR आमतौर पर स्वस्थ माना जाता है, जिसका अर्थ है कि कंपनी अपने ब्याज दायित्वों का कम से कम 2.5 गुना कमाती है।
- जोखिम मूल्यांकन: 1.5 से नीचे का ICR आमतौर पर जोखिमपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह ब्याज भुगतान को आराम से कवर करने के लिए अपर्याप्त आय बफर को दर्शाता है।
- बैंकिंग उपयोग: बैंक ऋण पात्रता और ब्याज दरों को निर्धारित करने के लिए क्रेडिट मूल्यांकन में एक महत्वपूर्ण मापदंड के रूप में ICR का उपयोग करते हैं; कम ICR ऋण अस्वीकृति या उच्च ब्याज दरों का कारण बन सकता है।
- प्रवृत्ति विश्लेषण: गिरती हुई ICR प्रवृत्ति बिगड़ते वित्तीय स्वास्थ्य और बढ़ते डिफॉल्ट जोखिम का संकेत देती है, भले ही वर्तमान अनुपात स्वीकार्य प्रतीत हो।
- सीमा: ICR मूलधन पुनर्भुगतान दायित्वों को ध्यान में नहीं रखता; यह केवल ब्याज का भुगतान करने की क्षमता को मापता है, कुल ऋण सेवा क्षमता को नहीं।
Question 6 of 15 भारत की बैंकिंग संरचना
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