भारत में न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन के उपयोग का क्या महत्व है?
- ये टीके निमोनिया के साथ-साथ मेनिनजाइटिस और सेप्सिस के विरुद्ध भी प्रभावी हैं।
- ड्रग-प्रतिरोधी जीवाणुओं के विरुद्ध प्रभावी न होने वाले प्रतिजैविकों पर निर्भरता को कम किया जा सकता है।
- इन टीकों का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता और ये कोई एलर्जी प्रतिक्रिया उत्पन्न नहीं करते।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 1 और 2
न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (PCVs) भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिए द्वारा उत्पन्न कई गंभीर रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं और प्रतिजैविक प्रतिरोध से निपटने में सहायता करते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि कोई भी टीका पूर्णतः दुष्प्रभावों या एलर्जी प्रतिक्रियाओं से मुक्त नहीं होता।
✅ कथन 1 – सही: PCVs स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिए बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न निमोनिया, मेनिनजाइटिस (मस्तिष्क और रीढ़ की झिल्लियों की सूजन), और सेप्सिस (रक्त संक्रमण) के विरुद्ध अत्यधिक प्रभावी हैं।
✅ कथन 2 – सही: PCVs न्यूमोकोकल संक्रमणों को रोककर प्रतिजैविकों पर निर्भरता कम करते हैं, जिससे प्रतिजैविक-प्रतिरोधी जीवाणु उपभेदों की बढ़ती समस्या का समाधान होता है।
❌ कथन 3 – गलत: सभी टीकों की तरह, PCVs हल्के दुष्प्रभाव (इंजेक्शन स्थल पर लालिमा, सूजन, दर्द) और दुर्लभ एलर्जी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कर सकते हैं; कोई भी टीका पूर्णतः दुष्प्रभाव-मुक्त नहीं होता।
📝 संक्षिप्त नोट्स: न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (PCVs)
- कारक जीव: स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिए (न्यूमोकोकस) — 90 से अधिक सीरोटाइप्स वाला एक जीवाणु।
- रोकी जाने वाली बीमारियाँ: निमोनिया, मेनिनजाइटिस, सेप्सिस, ओटाइटिस मीडिया (कान का संक्रमण), और बैक्टेरीमिया।
- टीकों के प्रकार: PCV10 (10 सीरोटाइप्स से सुरक्षा) और PCV13 (13 सीरोटाइप्स से सुरक्षा)।
- भारत का टीकाकरण कार्यक्रम: PCV को 2017 में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) में शामिल किया गया; 6, 10, और 14 सप्ताह की आयु में दिया जाता है।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाव: बाल मृत्यु दर में कमी, न्यूमोकोकल रोगों (5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में मृत्यु का प्रमुख कारण) की रोकथाम, और प्रतिजैविक उपयोग में कमी।
- प्रतिजैविक प्रतिरोध: PCVs संक्रमणों को रोककर और प्रतिजैविकों की आवश्यकता घटाकर ड्रग-प्रतिरोधी न्यूमोकोकल उपभेदों से निपटने में सहायता करते हैं।
- सामान्य दुष्प्रभाव: हल्की प्रतिक्रियाएं जैसे बुखार, चिड़चिड़ापन, इंजेक्शन स्थल पर प्रतिक्रियाएं; गंभीर एलर्जी प्रतिक्रियाएं दुर्लभ हैं लेकिन संभव हैं।
Question 5 of 6 टीके एवं प्रतिरक्षण
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