कृषि में नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों के अत्यधिक/अनुचित उपयोग का क्या प्रभाव हो सकता है?
- मृदा में नाइट्रोजन-स्थिरीकरण सूक्ष्मजीवों का प्रसार हो सकता है।
- मृदा की अम्लता में वृद्धि हो सकती है।
- भूजल में नाइट्रेट का निक्षालन हो सकता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: अत्यधिक नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक नाइट्रोजन-स्थिरीकरण सूक्ष्मजीवों को दबा देते हैं क्योंकि प्रचुर मृदा नाइट्रोजन उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और चयापचय गतिविधि को कम करती है।
✅ कथन 2 – सही: नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक (विशेषकर अमोनियम-आधारित) नाइट्रीकरण प्रक्रिया से गुजरते हैं, H⁺ आयन मुक्त करते हैं जो मृदा अम्लता बढ़ाते हैं।
✅ कथन 3 – सही: अतिरिक्त नाइट्रेट (NO₃⁻) अत्यधिक जल-विलेय होते हैं और भूजल में निक्षालित होते हैं, जिससे नाइट्रेट संदूषण और जल निकायों का सुपोषण होता है।
Question 2 of 2 मृदा प्रदूषण
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