भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के तहत भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निजता के अधिकार को रखा है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ D. अनुच्छेद 21
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) मामले में निजता के अधिकार (Right to Privacy) को मौलिक अधिकार घोषित किया। न्यायालय ने कहा कि यह अनुच्छेद 21 में दिए गए जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
✅ अनुच्छेद 21 सही है: निजता का अधिकार, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत माना गया है।
❌ अनुच्छेद 15 गलत है: यह भेदभाव के निषेध से संबंधित है।
❌ अनुच्छेद 16 गलत है: यह सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता से संबंधित है।
❌ अनुच्छेद 19 गलत है: यह विभिन्न स्वतंत्रताओं की गारंटी देता है, लेकिन निजता का अधिकार विशेष रूप से अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है।
संक्षिप्त नोट्स: निजता का अधिकार (Right to Privacy)
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पुट्टस्वामी निर्णय (2017) ने निजता को मौलिक अधिकार घोषित किया।
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यह अधिकार अनुच्छेद 21 से जुड़ा हुआ है।
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फैसला 9-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने दिया था।
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निजता में व्यक्तिगत स्वतंत्रता, गरिमा, शारीरिक स्वायत्तता और डेटा गोपनीयता शामिल हैं।
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इस निर्णय ने पुराने फैसलों को निरस्त किया जिनमें निजता को मौलिक अधिकार नहीं माना गया था।
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निजता का अधिकार पूर्ण (Absolute) नहीं है; उचित कानून द्वारा सीमित किया जा सकता है।
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यह निर्णय भारत के डेटा संरक्षण कानूनों की संवैधानिक नींव बना।
Question 1 of 7 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार
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