लोक सभा अध्यक्ष के कार्यालय के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता/करती है।
- उसे अपने निर्वाचन के समय सदन का सदस्य होना आवश्यक नहीं है, लेकिन उसे अपने निर्वाचन की तिथि से छह महीने के भीतर सदन का सदस्य बनना होता है।
- यदि वह त्यागपत्र देना चाहता/चाहती है, तो उसके त्यागपत्र का पत्र उपाध्यक्ष को संबोधित होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: अध्यक्ष का पद राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत नहीं होता। वह लोक सभा द्वारा निर्वाचित होता/होती है और केवल सदन के सभी तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प द्वारा हटाया जा सकता है। अध्यक्ष लोक सभा के विघटन के बाद भी नई लोक सभा की पहली बैठक से ठीक पहले तक पद पर बना/बनी रहता है।
❌ कथन 2 – गलत: अनुच्छेद 93 के अनुसार, अध्यक्ष को निर्वाचन के समय लोक सभा का सदस्य होना आवश्यक है। छह महीने की सदस्यता का नियम मंत्रियों (अनुच्छेद 75) पर लागू होता है, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पर नहीं।
✅ कथन 3 – सही: अनुच्छेद 94(ख) के अनुसार, अध्यक्ष अपने हस्ताक्षर से उपाध्यक्ष को संबोधित पत्र लिखकर त्यागपत्र देता/देती है। इसी प्रकार, उपाध्यक्ष का त्यागपत्र अध्यक्ष को संबोधित होता है।
Question 2 of 2 संसद के अधिकारी
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: राज्यसभा के सभापति और उपसभापति उस सदन के सदस्य नह...
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