हाल ही में, 'दुर्लभ मृदा धातुओं' (rare earth metals) नामक तत्वों के समूह की कम आपूर्ति को लेकर चिंता रही है। क्यों?
- चीन, जो इन तत्वों का सबसे बड़ा उत्पादक है, ने इनके निर्यात पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं
- चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और चिली के अलावा, ये तत्व किसी भी देश में नहीं पाए जाते हैं
- दुर्लभ मृदा धातुएं विभिन्न प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के निर्माण के लिए आवश्यक हैं और इन तत्वों की बढ़ती मांग है
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: चीन सबसे बड़ा उत्पादक है (वैश्विक उत्पादन का ~70% नियंत्रित करता है) और उसने दुर्लभ मृदा धातुओं पर निर्यात प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में चिंता है।
❌ कथन 2 – गलत: दुर्लभ मृदा धातुएं कई देशों में पाई जाती हैं जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, ब्राजील, वियतनाम, रूस, और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, न कि केवल चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, और चिली में।
✅ कथन 3 – सही: दुर्लभ मृदा धातुएं स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, पवन टरबाइन, LED स्क्रीन, रक्षा उपकरण, और अन्य उच्च-तकनीक इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण के लिए आवश्यक हैं, जिनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
Question 5 of 5 खनिज संसाधन
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