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भारतीय अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि एवं आर्थिक सुधार Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: भारतीय अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि एवं आर्थिक सुधार
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1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- कार्मिक उत्पादकता (2004-05 की कीमतों पर प्रति कार्मिक) शहरी क्षेत्रों में बढ़ी जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में घटी।
- कार्यबल में ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिशत हिस्सा लगातार बढ़ता रहा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में, गैर-कृषि अर्थव्यवस्था में वृद्धि बढ़ी।
- ग्रामीण रोजगार में वृद्धि दर घटी।
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 3 और 4
1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद, ग्रामीण भारत में गैर-कृषि क्षेत्रों के विस्तार और ग्रामीण रोजगार वृद्धि में सापेक्ष मंदी के साथ संरचनात्मक परिवर्तन हुए। कथन 3 और 4 उदारीकरण के बाद की इन प्रवृत्तियों को सही ढंग से दर्शाते हैं, जबकि कथन 1 और 2 वास्तविक परिणामों का गलत प्रतिनिधित्व करते हैं।
✅ कथन 3 – सही: 1991 के बाद ग्रामीण गैर-कृषि अर्थव्यवस्था की वृद्धि में उल्लेखनीय विस्तार हुआ क्योंकि विनिर्माण, निर्माण, खुदरा और सेवा क्षेत्रों में विविधीकरण ने कृषि से परे वैकल्पिक आय स्रोत प्रदान किए।
❌ कथन 1 – गलत: उदारीकरण के बाद शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कार्मिक उत्पादकता में वृद्धि हुई; सेक्टरल बदलावों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में यह घटी नहीं।
❌ कथन 2 – गलत: कार्यबल में ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिशत हिस्सा लगातार घटता रहा (बढ़ता नहीं रहा) क्योंकि औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में बेहतर रोजगार अवसरों के कारण ग्रामीण-से-शहरी प्रवास तेज हुआ।
✅ कथन 4 – सही: ग्रामीण रोजगार में वृद्धि दर घटी क्योंकि कृषि क्षेत्र संकुचन और नए ग्रामीण क्षेत्रों में अपर्याप्त श्रम अवशोषण ने आर्थिक विविधीकरण के बावजूद रोजगार में बाधा उत्पन्न की।
भारत की पंचवर्षीय योजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- दूसरी पंचवर्षीय योजना से, बुनियादी और पूंजीगत वस्तु उद्योगों के प्रतिस्थापन की दिशा में एक दृढ़ जोर दिया गया।
- चौथी पंचवर्षीय योजना ने धन और आर्थिक शक्ति की बढ़ती एकाग्रता की पूर्व प्रवृत्ति को ठीक करने का उद्देश्य अपनाया।
- पांचवीं पंचवर्षीय योजना में, पहली बार, वित्तीय क्षेत्र को योजना के एक अभिन्न अंग के रूप में शामिल किया गया।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1 और 2
यह प्रश्न भारत की पंचवर्षीय योजनाओं के विकास और उनके बदलते उद्देश्यों के ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन 1 और 2 सही हैं क्योंकि वे दूसरी योजना के औद्योगिक जोर और चौथी योजना के समता फोकस को सटीक रूप से प्रतिबिंबित करते हैं, जबकि कथन 3 वित्तीय क्षेत्र के एकीकरण के समय के संबंध में गलत है।
✅ कथन 1 – सही: दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-1961), महालनोबिस मॉडल पर आधारित, एक मजबूत औद्योगिक आधार बनाने के लिए बुनियादी और पूंजीगत वस्तु उद्योगों के प्रतिस्थापन पर दृढ़ जोर के साथ तीव्र औद्योगीकरण पर केंद्रित थी।
✅ कथन 2 – सही: चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-1974) ने 14 प्रमुख बैंकों के राष्ट्रीयकरण (1969) और MRTP अधिनियम जैसे उपायों के माध्यम से धन और आर्थिक शक्ति की बढ़ती एकाग्रता की पूर्व प्रवृत्ति को ठीक करने का उद्देश्य अपनाया।
❌ कथन 3 – गलत: पांचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-1979) के दौरान वित्तीय क्षेत्र को योजना के एक अभिन्न अंग के रूप में शामिल नहीं किया गया था; यह नौवीं पंचवर्षीय योजना (1997-2002) से एकीकृत किया गया।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत की पंचवर्षीय योजनाएं - प्रमुख विशेषताएं
| पंचवर्षीय योजना | अवधि | प्रमुख फोकस/विशेषताएं |
|---|---|---|
| प्रथम योजना | 1951-1956 | कृषि, सिंचाई, ऊर्जा; हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित |
| द्वितीय योजना | 1956-1961 | तीव्र औद्योगीकरण; महालनोबिस मॉडल; भारी और बुनियादी उद्योगों पर ध्यान |
| तृतीय योजना | 1961-1966 | आत्मनिर्भरता और आत्म-निर्भर विकास; युद्धों और सूखे के कारण असफलता |
| चतुर्थ योजना | 1969-1974 | स्थिरता के साथ विकास; धन एकाग्रता को ठीक करना; बैंक राष्ट्रीयकरण (1969) |
| पंचम योजना | 1974-1979 | गरीबी हटाओ; गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन; 1978 में समाप्त |
| नवम योजना | 1997-2002 | योजना के भाग के रूप में वित्तीय क्षेत्र एकीकृत; आर्थिक सुधार समेकन |
भारत में 1991 में आर्थिक नीतियों के उदारीकरण के बाद निम्नलिखित में से क्या घटित हुआ है/हुए हैं?
- GDP में कृषि का हिस्सा अत्यधिक बढ़ गया।
- विश्व व्यापार में भारत के निर्यात का हिस्सा बढ़ा।
- FDI प्रवाह में वृद्धि हुई।
- भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अत्यधिक बढ़ा।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2, 3 और 4
1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद, भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण संरचनात्मक परिवर्तन हुए। सेवा क्षेत्र तेजी से विस्तारित हुआ जबकि GDP में कृषि का योगदान घटा, विदेशी व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि हुई, और बेहतर बाह्य क्षेत्र प्रबंधन के कारण विदेशी मुद्रा भंडार नाटकीय रूप से बढ़ा।
❌ कथन 1 – गलत: GDP में कृषि का हिस्सा 1991 के बाद से लगातार घटा है, जो लगभग 30% से घटकर लगभग 15-18% हो गया है, क्योंकि सेवा और औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार हुआ।
✅ कथन 2 – सही: विश्व निर्यात में भारत का हिस्सा 1991 में 0.5% से कम से बढ़कर वर्तमान में लगभग 1.7-2% हो गया है, जो अधिक वैश्विक आर्थिक एकीकरण को दर्शाता है।
✅ कथन 3 – सही: FDI प्रवाह उदारीकरण पूर्व युग में नगण्य मात्रा (सालाना $100 मिलियन से कम) से बढ़कर 1991 के बाद सालाना अरबों डॉलर तक नाटकीय रूप से बढ़ा।
✅ कथन 4 – सही: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1991 में लगभग $1 बिलियन (मुश्किल से 2 सप्ताह के आयात को कवर करता था) से बढ़कर हाल के वर्षों में $600 बिलियन से अधिक हो गया है, जो बेहतर समष्टि आर्थिक स्थिरता को दर्शाता है।
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निम्नलिखित में से कौन भारत में 'योजना' से संबद्ध हैं?
- वित्त आयोग
- राष्ट्रीय विकास परिषद
- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय
- केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय
- संसद
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 2 – सही: राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) भारत में पंचवर्षीय योजनाओं को स्वीकृत और समीक्षा करने वाली सर्वोच्च संस्था थी, जो सीधे राष्ट्रीय योजना से जुड़ी थी।
✅ कथन 5 – सही: संसद को पंचवर्षीय योजनाओं और योजनाबद्ध विकास के लिए बजटीय आवंटन को स्वीकृत करने का संवैधानिक अधिकार है।
❌ कथन 1 – गलत: वित्त आयोग केंद्र और राज्यों के बीच कर हस्तांतरण और अनुदान से संबंधित है, विकास योजनाओं के निर्माण से नहीं।
❌ कथन 3 – गलत: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय क्षेत्रीय योजनाओं जैसे मनरेगा और पीएमएवाई-जी को लागू करता है, समग्र राष्ट्रीय योजना को नहीं।
❌ कथन 4 – गलत: केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय (अब आवास और शहरी कार्य मंत्रालय) शहरी-विशिष्ट कार्यक्रम चलाता है, व्यापक स्तर की योजना नहीं।
12वीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य है
Detailed Explanation:
12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017) का विषय "तीव्र, सतत और अधिक समावेशी विकास" था।
इसका लक्ष्य 8% जीडीपी वृद्धि, कृषि में 4% वृद्धि, विनिर्माण में 10% वृद्धि था, और क्षेत्रीय असमानताओं और गरीबी को कम करने पर केंद्रित समावेशी विकास था।