भारत में 1991 में आर्थिक नीतियों के उदारीकरण के बाद निम्नलिखित में से क्या घटित हुआ है/हुए हैं?
- GDP में कृषि का हिस्सा अत्यधिक बढ़ गया।
- विश्व व्यापार में भारत के निर्यात का हिस्सा बढ़ा।
- FDI प्रवाह में वृद्धि हुई।
- भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अत्यधिक बढ़ा।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2, 3 और 4
1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद, भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण संरचनात्मक परिवर्तन हुए। सेवा क्षेत्र तेजी से विस्तारित हुआ जबकि GDP में कृषि का योगदान घटा, विदेशी व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि हुई, और बेहतर बाह्य क्षेत्र प्रबंधन के कारण विदेशी मुद्रा भंडार नाटकीय रूप से बढ़ा।
❌ कथन 1 – गलत: GDP में कृषि का हिस्सा 1991 के बाद से लगातार घटा है, जो लगभग 30% से घटकर लगभग 15-18% हो गया है, क्योंकि सेवा और औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार हुआ।
✅ कथन 2 – सही: विश्व निर्यात में भारत का हिस्सा 1991 में 0.5% से कम से बढ़कर वर्तमान में लगभग 1.7-2% हो गया है, जो अधिक वैश्विक आर्थिक एकीकरण को दर्शाता है।
✅ कथन 3 – सही: FDI प्रवाह उदारीकरण पूर्व युग में नगण्य मात्रा (सालाना $100 मिलियन से कम) से बढ़कर 1991 के बाद सालाना अरबों डॉलर तक नाटकीय रूप से बढ़ा।
✅ कथन 4 – सही: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1991 में लगभग $1 बिलियन (मुश्किल से 2 सप्ताह के आयात को कवर करता था) से बढ़कर हाल के वर्षों में $600 बिलियन से अधिक हो गया है, जो बेहतर समष्टि आर्थिक स्थिरता को दर्शाता है।
Question 2 of 2 उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण
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1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर...
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