भारत में, निम्नलिखित में से किसे कृषि में सार्वजनिक निवेश माना जा सकता है?
- सभी फसलों के कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करना
- प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का कम्प्यूटरीकरण
- सामाजिक पूंजी विकास
- किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति
- बैंकिंग प्रणाली द्वारा कृषि ऋणों की माफी
- सरकारों द्वारा शीत भंडारण सुविधाओं की स्थापना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 2, 3 और 6
कृषि में सार्वजनिक निवेश का तात्पर्य सरकार के पूंजीगत व्यय से है जिसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे, संस्थागत समर्थन और तकनीकी सुधारों का निर्माण करना है जो कृषि उत्पादकता और दक्षता को बढ़ाते हैं। इसमें सब्सिडी, मूल्य समर्थन तंत्र या ऋण माफी जैसे नीतिगत उपाय शामिल नहीं हैं जो प्रत्यक्ष पूंजी निर्माण नहीं करते।
❌ कथन 1 – गलत: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करना मूल्य समर्थन के लिए एक नीतिगत साधन है, कृषि बुनियादी ढांचे या संपत्तियों में पूंजीगत निवेश नहीं।
✅ कथन 2 – सही: प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) का कम्प्यूटरीकरण प्रौद्योगिकी और संस्थागत आधुनिकीकरण पर सरकारी व्यय है, जो सार्वजनिक निवेश की श्रेणी में आता है।
✅ कथन 3 – सही: सामाजिक पूंजी विकास में संस्थागत नेटवर्क, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सामुदायिक संसाधनों का निर्माण शामिल है जो कृषि उत्पादकता में सुधार करते हैं, यह सार्वजनिक निवेश का प्रतिनिधित्व करता है।
❌ कथन 4 – गलत: किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति एक सब्सिडी या राजस्व व्यय है, कृषि बुनियादी ढांचे में पूंजीगत निवेश नहीं।
❌ कथन 5 – गलत: कृषि ऋणों की माफी एक ऋण राहत उपाय है जो सरकारी वित्त को प्रभावित करता है लेकिन कृषि में नई पूंजीगत संपत्तियों या बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं करता।
✅ कथन 6 – सही: सरकार द्वारा शीत भंडारण सुविधाओं की स्थापना कृषि बुनियादी ढांचे पर प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय है जिसका उद्देश्य कटाई के बाद के नुकसान को कम करना है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: कृषि में सार्वजनिक निवेश
- सार्वजनिक निवेश: सरकार का पूंजीगत व्यय जो कृषि क्षेत्र में स्थायी संपत्तियां, बुनियादी ढांचा और संस्थागत क्षमता का निर्माण करता है।
- घटक: सिंचाई बुनियादी ढांचा, ग्रामीण सड़कें, शीत भंडारण सुविधाएं, गोदाम, अनुसंधान संस्थान, विस्तार सेवाएं और कृषि साख बुनियादी ढांचा शामिल हैं।
- बनाम सब्सिडी: सार्वजनिक निवेश संपत्ति निर्माण करता है (पूंजी निर्माण), जबकि मुफ्त बिजली या उर्वरक सब्सिडी जैसी सब्सिडी बिना संपत्ति निर्माण के राजस्व व्यय हैं।
- बनाम नीतिगत उपाय: MSP, ऋण माफी और खरीद नीतियां समर्थन तंत्र हैं लेकिन बुनियादी ढांचे में प्रत्यक्ष निवेश नहीं हैं।
- सामाजिक पूंजी: मानव संसाधन, संस्थानों, किसान सहकारी समितियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और ज्ञान नेटवर्क में निवेश जो उत्पादकता बढ़ाते हैं।
- प्रभाव: कृषि में सार्वजनिक निवेश उत्पादकता में सुधार करता है, जोखिम कम करता है, बाजार पहुंच बढ़ाता है और दीर्घकालिक कृषि विकास में योगदान देता है।
Question 4 of 5 अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका
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