भारत के एक विशेष क्षेत्र में, स्थानीय लोग जीवित पेड़ों की जड़ों को धाराओं के पार मजबूत पुलों में प्रशिक्षित करते हैं। समय बीतने के साथ ये पुल मजबूत होते जाते हैं। ये अनूठे 'लिविंग रूट ब्रिज' कहाँ पाए जाते हैं -
Detailed Explanation:
लिविंग रूट ब्रिज (जीवित जड़ पुल) मेघालय में पाए जाते हैं, जिन्हें खासी और जयंतिया जनजातियों द्वारा फाइकस इलास्टिका (भारतीय रबर के पेड़) की हवाई जड़ों को प्रशिक्षित कर धाराओं के पार पुल बनाने के लिए तैयार किया जाता है।
ये पुल समय के साथ मजबूत होते जाते हैं, पूरी तरह कार्यात्मक होने में 10-15 वर्ष लगते हैं, और मुख्य रूप से मेघालय के चेरापूंजी और मॉसिनराम क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
Question 8 of 13 जैव विविधता संरक्षण
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