भारत सरकार 'सी बकथॉर्न' (sea buckthorn) की खेती को प्रोत्साहित करती है। इस पौधे का क्या महत्व है?
- यह मृदा अपरदन को नियंत्रित करने और मरुस्थलीकरण को रोकने में सहायता करता है।
- यह जैव-डीजल का एक समृद्ध स्रोत है।
- इसमें पोषण मूल्य है और यह उच्च ऊंचाई के ठंडे क्षेत्रों में रहने के लिए अच्छी तरह से अनुकूलित है।
- इसकी लकड़ी बहुत अधिक वाणिज्यिक मूल्य की है।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: सी बकथॉर्न एक मृदा-बंधक पौधा है जिसकी व्यापक जड़ प्रणाली है जो प्रभावी रूप से मृदा अपरदन को नियंत्रित करती है और मरुस्थलीकरण को रोकती है, विशेषकर नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्रों में।
❌ कथन 2 – गलत: सी बकथॉर्न जैव-डीजल का स्रोत नहीं है; इसकी खेती इसके जामुन, पत्तियों और औषधीय/पोषण उत्पादों के लिए की जाती है, जैव ईंधन उत्पादन के लिए नहीं।
✅ कथन 3 – सही: इस पौधे में उच्च पोषण मूल्य है और इसके जामुन विटामिन C, E, कैरोटीनॉयड और ओमेगा फैटी एसिड से भरपूर हैं, और यह ठंडे, उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे लद्दाख और स्पीति में पनपता है (-40°C से +40°C सहनशीलता)।
❌ कथन 4 – गलत: सी बकथॉर्न एक झाड़ी है, लकड़ी का पेड़ नहीं; इसका वाणिज्यिक मूल्य फलों, सौंदर्य प्रसाधनों, फार्मास्यूटिकल्स में है, लकड़ी में नहीं।
Question 13 of 13 जैव विविधता संरक्षण
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