'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- प्रावधान 18वीं लोकसभा से लागू होंगे.
- अधिनियम बनने के बाद यह 15 वर्षों तक लागू रहेगा।
- अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कोटा के भीतर अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण के प्रावधान हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 — केवल कथन 2 और 3 सही हैं
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 (106वाँ संविधान संशोधन अधिनियम) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण प्रदान करता है। लेकिन यह आरक्षण 18वीं लोकसभा से लागू नहीं होगा। इसे अगली जनगणना और परिसीमन (Delimitation) के बाद लागू किया जाएगा।
❌ कथन 1 गलत है: आरक्षण 18वीं लोकसभा से लागू नहीं होगा। यह पहली जनगणना के आंकड़े प्रकाशित होने और परिसीमन के बाद लागू होगा।
✅ कथन 2 सही है: यह आरक्षण अधिनियम लागू होने की तिथि से 15 वर्षों तक प्रभावी रहेगा। संसद चाहे तो इस अवधि को आगे बढ़ा सकती है।
✅ कथन 3 सही है: अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
संक्षिप्त नोट्स: नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023
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106वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 के रूप में पारित।
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लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण।
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SC/ST आरक्षित सीटों में भी महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान।
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लागू होने से पहले जनगणना और परिसीमन आवश्यक।
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संविधान में अनुच्छेद 334A जोड़ा गया।
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आरक्षण की अवधि 15 वर्ष निर्धारित की गई है।
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राज्यसभा और विधान परिषदों पर लागू नहीं।
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राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का उद्देश्य।
Question 1 of 1 समाचारों में संवैधानिक संशोधन
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