भारत में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित प्रावधान भारत के संविधान की पांचवीं अनुसूची में दिए गए हैं।
- भारत की कुछ जनजातियाँ कुछ आय पर आयकर देने से छूट की हकदार हैं।
- भारत का संविधान अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए पंचायतों में सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।
उपरोक्त कथनों के आधार पर निम्नलिखित में से कौन सा निष्कर्ष सही है?
Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244(2)) — असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों को नियंत्रित करती है — पाँचवीं अनुसूची नहीं। पाँचवीं अनुसूची (अनुच्छेद 244(1)) — अन्य सभी राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातियों पर लागू होती है।
कथन 2 — सही। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(26) के तहत, विशिष्ट क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति के सदस्य उन क्षेत्रों में अर्जित आय पर आयकर से छूट प्राप्त हैं:
- त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख
- प्रतिभूतियों पर लाभांश और ब्याज भी शामिल
कथन 3 — सही। अनुच्छेद 243D पंचायतों में SC/ST के लिए सीटों का आरक्षण अनिवार्य करता है। अनुच्छेद 243D(2) स्पष्ट रूप से अपेक्षा करता है कि SC/ST के लिए आरक्षित सीटों में से एक-तिहाई से कम नहीं SC/ST की महिलाओं के लिए आरक्षित होनी चाहिए।
मुख्य ट्रिक: कथन 1 — पाँचवीं बनाम छठी अनुसूची की अदला-बदली
Question 1 of 6 पाँचवीं अनुसूची
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निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: भारत के संविधान के संदर्भ में, यदि किसी राज्य में कि...