UPSC CSE Prelims
जैव प्रौद्योगिकी की मूल अवधारणाएँ Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for जैव प्रौद्योगिकी की मूल अवधारणाएँ with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
Filter & practice questions topic-wise
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- कुछ मशरूम में औषधीय गुण होते हैं।
- कुछ मशरूम में मनोसक्रिय गुण होते हैं।
- कुछ मशरूम में कीटनाशक गुण होते हैं।
- कुछ मशरूम में जैव-दीप्तिमान गुण होते हैं।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — सभी चार
मशरूम के गुणों के बारे में सभी चार कथन वैज्ञानिक रूप से सटीक हैं। मशरूम जैविक गुणों की उल्लेखनीय विविधता प्रदर्शित करते हैं जो औषधीय, मनोरंजक, कृषि और पारिस्थितिक संदर्भों में प्रलेखित और उपयोग किए गए हैं।
✅ कथन 1 – सही: औषधीय मशरूम जैसे रेशी (Ganoderma lucidum), टर्की टेल (Trametes versicolor), और लायन्स मेन (Hericium erinaceus) में जैव-सक्रिय यौगिक होते हैं जिनमें प्रतिरक्षा-मॉड्यूलेटिंग, सूजन-रोधी और न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं।
✅ कथन 2 – सही: साइलोसाइबिन युक्त मनोसक्रिय मशरूम (जैसे Psilocybe cubensis) मतिभ्रमी प्रभाव उत्पन्न करते हैं और अवसाद और PTSD के उपचार में चिकित्सीय अनुप्रयोगों के लिए शोधित किए जा रहे हैं।
✅ कथन 3 – सही: कीटनाशक मशरूम जैसे Metarhizium anisopliae और Beauveria bassiana कीड़ों के लिए विषैले यौगिक उत्पन्न करते हैं और कृषि में जैविक कीट नियंत्रण एजेंट के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
✅ कथन 4 – सही: जैव-दीप्तिमान मशरूम जैसे Mycena chlorophos और Panellus stipticus ल्यूसिफेरिन और ल्यूसिफेरेज से जुड़ी एंजाइमेटिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से प्रकाश उत्पन्न करते हैं, जो अंधेरे वन वातावरण में प्राकृतिक चमक पैदा करते हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: मशरूम के गुण
| गुण | उदाहरण | प्रमुख अनुप्रयोग/यौगिक |
|---|---|---|
| औषधीय | रेशी, टर्की टेल, लायन्स मेन, कॉर्डिसेप्स, चागा | पॉलीसैकेराइड्स (बीटा-ग्लूकन्स), ट्राइटरपीन; प्रतिरक्षा समर्थन, संज्ञानात्मक वृद्धि, कैंसर-रोधी शोध |
| मनोसक्रिय | Psilocybe cubensis, Psilocybe semilanceata | साइलोसाइबिन और साइलोसिन; मतिभ्रमी प्रभाव, मानसिक स्वास्थ्य विकारों के लिए चिकित्सीय शोध |
| कीटनाशक | Metarhizium anisopliae, Beauveria bassiana | एंटोमोपैथोजेनिक कवक; जैविक कीट नियंत्रण, कीट-विषैले यौगिक उत्पन्न करता है |
| जैव-दीप्तिमान | Mycena chlorophos, Panellus stipticus, Omphalotus olearius | ल्यूसिफेरिन-ल्यूसिफेरेज प्रणाली; हरी रोशनी उत्पन्न करता है, बीजाणु प्रसार में पारिस्थितिक भूमिका |
पादप और जंतु कोशिकाओं के बीच सामान्य अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
- पादप कोशिकाओं में सेलुलोज कोशिका भित्ति होती है जबकि जंतु कोशिकाओं में नहीं होती।
- पादप कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली नहीं होती है जबकि जंतु कोशिकाओं में होती है।
- परिपक्व पादप कोशिका में एक बड़ी रिक्तिका होती है जबकि जंतु कोशिका में कई छोटी रिक्तिकाएं होती हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 3
यह प्रश्न पादप और जंतु कोशिकाओं के बीच मौलिक संरचनात्मक अंतरों का परीक्षण करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि पादप और जंतु दोनों कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली होती है, जो सभी कोशिकाओं की एक सार्वभौमिक विशेषता है।
✅ कथन 1 – सही: पादप कोशिकाओं में संरचनात्मक सहारे और सुरक्षा के लिए कठोर सेलुलोज कोशिका भित्ति होती है, जबकि जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती और केवल लचीली प्लाज्मा झिल्ली होती है।
❌ कथन 2 – गलत: पादप और जंतु दोनों कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली (कोशिका झिल्ली) होती है; यह सभी जीवित कोशिकाओं में मौजूद एक मौलिक विशेषता है, जो कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों की गति को नियंत्रित करती है।
✅ कथन 3 – सही: परिपक्व पादप कोशिकाओं में आमतौर पर जल, पोषक तत्वों और अपशिष्ट के भंडारण के लिए एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, जबकि जंतु कोशिकाओं में कई छोटी रिक्तिकाएं होती हैं जो कम प्रमुख होती हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: पादप बनाम जंतु कोशिकाएं
| विशेषता | पादप कोशिका | जंतु कोशिका |
|---|---|---|
| कोशिका भित्ति | उपस्थित (सेलुलोज से बनी) | अनुपस्थित |
| प्लाज्मा झिल्ली | उपस्थित | उपस्थित |
| रिक्तिकाएं | एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका | कई छोटी रिक्तिकाएं |
| हरितलवक | उपस्थित (प्रकाश संश्लेषण के लिए) | अनुपस्थित |
| आकृति | निश्चित, आयताकार/बहुकोणीय | परिवर्तनशील, आमतौर पर गोल/अनियमित |
| तारककाय | अनुपस्थित (निम्न पादपों को छोड़कर) | उपस्थित |
निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण में शामिल है?
Detailed Explanation:
प्रकाश संश्लेषण सूर्य से प्रकाश ऊर्जा (स्वतंत्र ऊर्जा) को रासायनिक ऊर्जा (स्थितिज ऊर्जा) में परिवर्तित करता है और इसे ग्लूकोज अणुओं के बंधों में संचित करता है।
यह प्रक्रिया कच्चे माल के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड और पानी का उपयोग करती है और उप-उत्पाद के रूप में ऑक्सीजन मुक्त करती है, जबकि ग्लूकोज में संचित ऊर्जा का बाद में पौधों और अन्य जीवों द्वारा उपयोग किया जा सकता है।
🧐 Not Sure What to Study Next?
Get a personalised study plan based on your goals, time and revision needs.
निम्नलिखित खनिजों पर विचार कीजिए -
- कैल्शियम
- आयरन
- सोडियम
उपर्युक्त में से कौन सा/से खनिज मानव शरीर में मांसपेशियों के संकुचन के लिए आवश्यक है/हैं?
Detailed Explanation:
कैल्शियम ट्रोपोनिन से जुड़कर मांसपेशियों के संकुचन को सक्रिय करता है, जो एक्टिन-मायोसिन अंतःक्रिया की अनुमति देता है।
आयरन मायोग्लोबिन के माध्यम से ऑक्सीजन परिवहन और माइटोकॉन्ड्रिया में ATP उत्पादन को सहायता देता है जो निरंतर मांसपेशी संकुचन के लिए आवश्यक है।
सोडियम झिल्ली विभव बनाए रखता है और क्रिया विभव उत्पन्न करता है जो मांसपेशी तंतु संकुचन को प्रेरित करता है।
तीनों खनिज (कैल्शियम, आयरन, सोडियम) मांसपेशी संकुचन के लिए आवश्यक हैं। अतः विकल्प 4 सही है।
Related Topics in विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
आनुवंशिक अभियांत्रिकी
कीटाणु-विज्ञान
जीन थेरेपी एवं CRISPR
जीएम फसलें एवं जैव सुरक्षा
बायोमटीरियल्स और बायोमेडिकल एप्लीकेशन
डीएनए, आरएनए एवं आनुवंशिकी
रिकॉम्बिनेंट डीएनए तकनीक
जैव सुरक्षा और आनुवंशिक इंजीनियरिंग विनियम
Frequently Asked Questions
Common questions about जैव प्रौद्योगिकी की मूल अवधारणाएँ in UPSC CSE PRELIMS