पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन का सबसे बड़ा स्रोत है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — जीवाश्म ईंधन का उपयोग करने वाले विद्युत संयंत्र
EPA के अनुसार, जीवाश्म ईंधन, विशेष रूप से कोयला जलाने वाले विद्युत संयंत्र विश्व स्तर पर सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) उत्सर्जन के सबसे बड़े स्रोत हैं। कोयले में उच्च स्तर का सल्फर होता है, और जब विद्युत उत्पादन के लिए इसे जलाया जाता है, तो यह वायुमंडल में बड़ी मात्रा में SO₂ छोड़ता है। हालांकि बंकर ईंधन का उपयोग करने वाले जहाज, धातु निष्कर्षण प्रक्रियाएं और लोकोमोटिव भी SO₂ उत्सर्जन में योगदान करते हैं, लेकिन उनका संयुक्त योगदान जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन से होने वाले उत्सर्जन की तुलना में काफी कम है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) उत्सर्जन
- प्राथमिक स्रोत: कोयला आधारित विद्युत संयंत्र वैश्विक SO₂ उत्सर्जन के लगभग 65-70% के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि कोयले में भार के अनुसार 0.5-3% सल्फर होता है।
- जहाज: भारी बंकर ईंधन (उच्च सल्फर सामग्री) का उपयोग करने वाले समुद्री जहाज दूसरा प्रमुख स्रोत हैं, विशेष रूप से तटीय और बंदरगाह क्षेत्रों में; MARPOL Annex VI जैसे नियम अब समुद्री ईंधन में सल्फर सामग्री को सीमित करते हैं।
- धातु प्रगलन: सल्फाइड अयस्कों से तांबा, जस्ता और सीसा जैसी धातुओं का निष्कर्षण भूनने और प्रगलन प्रक्रियाओं के दौरान SO₂ छोड़ता है, जो कुल उत्सर्जन का 5-10% योगदान करता है।
- लोकोमोटिव: डीजल से चलने वाली ट्रेनें डीजल ईंधन में कम सल्फर सामग्री और विद्युत संयंत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत कम ईंधन खपत के कारण SO₂ उत्सर्जन में न्यूनतम योगदान करती हैं।
- पर्यावरणीय प्रभाव: SO₂ अम्लीय वर्षा, श्वसन समस्याओं का कारण बनता है, और कणिका पदार्थ (PM2.5) निर्माण में योगदान करता है; यह वनस्पति को भी नुकसान पहुंचाता है और इमारतों को क्षरित करता है।
- नियंत्रण उपाय: फ्लू गैस डीसल्फराइजेशन (FGD/स्क्रबर्स), कम-सल्फर ईंधन में परिवर्तन, और नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण प्रमुख शमन रणनीतियां हैं।
Question 3 of 14 वायु प्रदूषण
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