BPSC CCE Prelims
सामान्य विज्ञान Previous Year Questions (PYQs)
Solved Previous Year Questions (PYQs) for सामान्य विज्ञान in BPSC CCE Prelims in English & Hindi Medium.
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निम्नलिखित में से कौन सा एक रेडियोधर्मी तत्व द्वारा उत्सर्जित धनात्मक आवेशित कण है?
Detailed Explanation:
अल्फा कण (α) रेडियोधर्मी क्षय के दौरान उत्सर्जित होने वाले धनात्मक आवेशित कण हैं, जो 2 प्रोटॉन + 2 न्यूट्रॉन से बने होते हैं (मूलतः एक हीलियम नाभिक)।
बीटा किरणें (β) ऋणात्मक आवेशित इलेक्ट्रॉन हैं, जबकि कैथोड किरणें भी इलेक्ट्रॉनों की धारा हैं, दोनों ऋणात्मक आवेश वाहक हैं।
इसलिए, विकल्प 3 (अल्फा किरण) सही उत्तर है।
अभिकेन्द्र बल किसके लिए उत्तरदायी है
Detailed Explanation:
अभिकेन्द्र बल वह नेट बल है जो वृत्ताकार पथ के केंद्र की ओर निर्देशित होता है और किसी वस्तु को वृत्तीय गति में रखता है।
अभिकेन्द्र बल के बिना, कोई वस्तु जड़त्व के कारण सीधी रेखा में गति करती रहेगी (न्यूटन का प्रथम नियम), वक्र पथ पर नहीं।
उदाहरण: डोरी में तनाव (पत्थर घुमाना), गुरुत्वाकर्षण बल (ग्रहों की कक्षाएं), घर्षण (कार मुड़ना)।
निम्नलिखित में से किस ऊर्जा परिवर्तन में घर्षण बल शामिल होता है?
Detailed Explanation:
✅ विकल्प 1 – सही: गतिज ऊर्जा से ऊष्मा ऊर्जा का रूपांतरण घर्षण बल द्वारा होता है। जब वस्तुएं एक-दूसरे के विरुद्ध गति करती हैं (जैसे हाथ रगड़ना, वाहन ब्रेक लगाना), तो घर्षण गति का विरोध करता है और गतिज ऊर्जा को ऊष्मा ऊर्जा में बदल देता है।
❌ विकल्प 2 – गलत: स्थितिज ऊर्जा से ध्वनि ऊर्जा का रूपांतरण (जैसे घंटी बजना, गिरती वस्तु का जमीन से टकराना) घर्षण की आवश्यकता नहीं होती; यह कंपन और यांत्रिक ऊर्जा स्थानांतरण द्वारा होता है।
❌ विकल्प 3 – गलत: रासायनिक ऊर्जा से ऊष्मा ऊर्जा का रूपांतरण (जैसे दहन, पाचन) रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा होता है, न कि घर्षण बल द्वारा।
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एक बस सीधे रास्ते पर चल रही है और अचानक दाईं ओर तेज मोड़ लेती है। बस में बैठे यात्री
Detailed Explanation:
जब बस दाईं ओर तेज मोड़ लेती है, तो यात्रियों का शरीर जड़त्व के नियम के कारण सीधी रेखा में गति करना जारी रखना चाहता है।
चूंकि बस दाईं ओर मुड़ती है, यात्री मूल दिशा में आगे बढ़ने की प्रवृत्ति अनुभव करते हैं, जिससे वे बस के सापेक्ष बाईं ओर झुक जाते हैं।
यह न्यूटन के गति के प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) का अनुप्रयोग है, जो कहता है कि गतिमान वस्तु अपनी अवस्था में तब तक बनी रहती है जब तक कि उस पर कोई बाह्य बल कार्य न करे।
एक संगीत कार्यक्रम में ऑर्केस्ट्रा बजाने से पहले, एक सितारवादक तनाव को समायोजित करने और तार को उचित रूप से बजाने का प्रयास करता/करती है। ऐसा करके, वह समायोजित कर रहा/रही है
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: ऑर्केस्ट्रा से पहले सितार की ट्यूनिंग में तारों के तनाव को समायोजित करके आवृत्ति (सुर) को अन्य वाद्ययंत्रों से मिलाना शामिल है, जिससे सभी वाद्ययंत्र एक ही संगीत स्केल पर सामंजस्य में बजें।
❌ कथन 2 – गलत: आयाम ध्वनि की तीव्रता (लाउडनेस) निर्धारित करता है, ट्यूनिंग नहीं; तनाव समायोजन से आवृत्ति/सुर बदलता है, आयाम नहीं।
❌ कथन 3 – गलत: तीव्रता (प्रति इकाई क्षेत्र ऊर्जा) आयाम और दूरी से संबंधित है, तार की ट्यूनिंग से सीधे समायोजित नहीं होती; ट्यूनिंग केवल आवृत्ति को संशोधित करती है।
पदार्थ के एक रूप का कोई निश्चित आकार नहीं होता है लेकिन इसका एक निश्चित आयतन होता है। पदार्थ के इस रूप का एक उदाहरण है
Detailed Explanation:
बिना निश्चित आकार लेकिन निश्चित आयतन वाला पदार्थ एक तरल होता है।
✅ मिट्टी का तेल (केरोसिन) एक तरल है – इसका निश्चित आयतन होता है लेकिन यह अपने बर्तन का आकार ले लेता है।
❌ कार्बन स्टील एक ठोस है – इसका निश्चित आकार और निश्चित आयतन दोनों होते हैं।
❌ क्रिप्टॉन एक उत्कृष्ट गैस है – इसका न तो निश्चित आकार और न ही निश्चित आयतन होता है।
कुछ धातु ऑक्साइड अम्ल तथा क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण तथा जल बनाते हैं। इन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहा जाता है। उभयधर्मी ऑक्साइडों के उदाहरण हैं
Detailed Explanation:
उभयधर्मी ऑक्साइड अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
✅ Al₂O₃ (एल्युमिनियम ऑक्साइड) HCl से अभिक्रिया करके AlCl₃ + H₂O और NaOH से अभिक्रिया करके NaAlO₂ + H₂O बनाता है।
✅ ZnO (जिंक ऑक्साइड) H₂SO₄ से अभिक्रिया करके ZnSO₄ + H₂O और NaOH से अभिक्रिया करके Na₂ZnO₂ + H₂O बनाता है।
❌ CuO (कॉपर ऑक्साइड) एक क्षारीय ऑक्साइड है जो केवल अम्लों से अभिक्रिया करता है, क्षारों से नहीं।
इसलिए, विकल्प 2 (Al₂O₃ और ZnO) सही उत्तर है।
अम्ल धातु कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके ______ गैस मुक्त करते हैं।
Detailed Explanation:
जब अम्ल धातु कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करते हैं, तो सामान्य अभिक्रिया होती है: अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + जल + CO₂।
उदाहरण के लिए, HCl + CaCO₃ → CaCl₂ + H₂O + CO₂, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO₂) उत्पन्न होती है जो बुदबुदाहट (effervescence) के रूप में दिखाई देती है।
किस अम्ल को HOOCCOOH के रूप में वर्णित किया जाता है?
Detailed Explanation:
HOOCCOOH रासायनिक सूत्र ऑक्सैलिक अम्ल का है, जो दो कार्बोक्सिल समूहों (-COOH) वाला एक डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल है।
कार्बोनिक अम्ल H₂CO₃ है, एसिटिक अम्ल CH₃COOH है, इसलिए विकल्प 2 ही एकमात्र सही उत्तर है।
आपको तीन परखनलियाँ प्रदान की गई हैं। उनमें से एक में आसुत जल है और अन्य दो में क्रमशः अम्लीय विलयन और क्षारीय विलयन हैं। इनमें से कौन सा लाल लिटमस को नीला कर देगा?
Detailed Explanation:
लाल लिटमस पेपर केवल क्षारीय (बेसिक) विलयन की उपस्थिति में नीला हो जाता है।
आसुत जल उदासीन (pH 7) होता है और लिटमस का रंग नहीं बदलता; अम्लीय विलयन नीले लिटमस को लाल करते हैं, उल्टा नहीं; केवल क्षार में लाल लिटमस को नीला करने का रासायनिक गुण होता है।
एसिटिक अम्ल की गंध किसके समान होती है?
Detailed Explanation:
एसिटिक अम्ल (acetic acid) सिरके का मुख्य घटक है, जो इसे इसकी विशिष्ट तीखी, खट्टी गंध प्रदान करता है।
सिरके में आमतौर पर आयतन के हिसाब से 4-8% एसिटिक अम्ल होता है, यही कारण है कि शुद्ध एसिटिक अम्ल की गंध सिरके के समान होती है।
सूखी HCl गैस सूखे लिटमस पेपर का रंग क्यों नहीं बदलती है?
Detailed Explanation:
सूखी HCl गैस आयनित नहीं होती और H₃O⁺ (हाइड्रोनियम) आयन उत्पन्न नहीं करती क्योंकि आयनीकरण के लिए जल अणुओं की उपस्थिति आवश्यक है।
लिटमस पेपर केवल तब रंग बदलता है जब घोल में H₃O⁺ आयन उपस्थित हों; सूखी HCl आणविक (HCl) रूप में रहती है और जल के बिना प्रोटॉन दान नहीं कर सकती, इसलिए अम्ल की तरह कार्य नहीं करती।
विषम को पहचानें।
Detailed Explanation:
✅ विकल्प 1 – फल का पकना: यह एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन है (फल को फिर से कच्चा नहीं किया जा सकता)।
✅ विकल्प 2 – सीमेंट का जमना: यह एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन है (सीमेंट जमने के बाद पाउडर रूप में वापस नहीं आ सकता)।
✅ विकल्प 3 – कोयले का जलना: यह एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन है (कोयला एक बार जल जाने के बाद वापस नहीं मिल सकता)।
तीनों विकल्प अपरिवर्तनीय परिवर्तन दर्शाते हैं, इसलिए इनमें से कोई भी विषम नहीं है। अतः विकल्प 5 (उपरोक्त में से कोई नहीं) सही है।
हीरे और ग्रेफाइट के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: हीरा एक विद्युत रोधक है (कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं), जबकि ग्रेफाइट एक अच्छा विद्युत चालक है (परतों में विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन होते हैं)।
❌ कथन 2 – गलत: हीरे में चतुष्फलकीय क्रिस्टल संरचना होती है (प्रत्येक कार्बन 3D में 4 अन्य से बंधा), जबकि ग्रेफाइट में षट्कोणीय परतदार संरचना होती है (प्रत्येक कार्बन 2D परतों में 3 अन्य से बंधा)।
❌ कथन 3 – गलत: हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है (मोह पैमाने पर 10), जबकि ग्रेफाइट परतों के बीच कमजोर वैन डेर वाल्स बलों के कारण नरम और फिसलनदार है (मोह पैमाने पर 1-2)।
दोनों कार्बन के अपररूप हैं जिनमें विभिन्न परमाणु व्यवस्थाओं के कारण बहुत भिन्न भौतिक गुण हैं।
रंध्र (स्टोमेटा) किसमें परिवर्तन के कारण खुलते या बंद होते हैं?
Detailed Explanation:
रंध्र का खुलना और बंद होना द्वार कोशिकाओं में स्फीति दबाव द्वारा नियंत्रित होता है।
जब द्वार कोशिकाएं जल अवशोषित करती हैं, वे स्फीत हो जाती हैं और रंध्र खुल जाते हैं; जब वे जल खो देती हैं, तो वे शिथिल हो जाती हैं और रंध्र बंद हो जाते हैं।
✅ विकल्प 3 – सही: कोशिकाओं में जल की मात्रा स्फीति दबाव में परिवर्तन के माध्यम से रंध्रों के खुलने और बंद होने को सीधे नियंत्रित करती है।
❌ विकल्प 1 – गलत: केन्द्रक की स्थिति रंध्र गति को प्रभावित नहीं करती है।
❌ विकल्प 2 – गलत: हालांकि प्रोटीन जल परिवहन तंत्र में शामिल हैं, तत्काल कारण जल की मात्रा है, न कि प्रोटीन संरचना में परिवर्तन।