BPSC CCE Prelims
परमाणु संरचना Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for परमाणु संरचना with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for BPSC CCE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
Filter & practice questions topic-wise
परमाणु की संरचना के लिए मॉडल प्रस्तावित करने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
Detailed Explanation:
जे.जे. थॉमसन ने 1897 में पहला परमाणु मॉडल प्रस्तावित किया, जिसे प्लम पुडिंग मॉडल के नाम से जाना जाता है, जिसमें इलेक्ट्रॉन धनात्मक आवेशित गोले में समाहित होते हैं।
ई. गोल्डस्टीन ने कैनाल किरणों की खोज की, रदरफोर्ड ने 1911 में नाभिकीय मॉडल प्रस्तावित किया, और नील्स बोर ने 1913 में निश्चित कक्षाओं के साथ ग्रहीय मॉडल दिया।
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत सफलतापूर्वक निम्नलिखित को समझाता है:
i. द्रव्यमान संरक्षण का नियम
ii. स्थिर संघटन का नियम
iii. रेडियोधर्मिता का नियम
iv. गुणित अनुपात का नियम
Detailed Explanation:
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (1808) ने रासायनिक संयोजन के तीन मूलभूत नियमों की व्याख्या की:
✅ द्रव्यमान संरक्षण का नियम: परमाणु अभिक्रियाओं में न तो बनते हैं और न ही नष्ट होते हैं, इसलिए कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।
✅ स्थिर संघटन का नियम: एक यौगिक में हमेशा समान तत्व निश्चित अनुपात में होते हैं।
✅ गुणित अनुपात का नियम: जब दो तत्व कई यौगिक बनाते हैं, तो द्रव्यमान अनुपात सरल पूर्ण संख्याएँ होती हैं।
❌ रेडियोधर्मिता का नियम: रेडियोधर्मिता (बेकरल, 1896 द्वारा खोजी गई) नाभिकीय परिवर्तन से संबंधित है, जो डाल्टन के अविभाज्य परमाणु सिद्धांत से नहीं समझाया जा सकता।
निम्नलिखित में से कौन सा एक रेडियोधर्मी तत्व द्वारा उत्सर्जित धनात्मक आवेशित कण है?
Detailed Explanation:
अल्फा कण (α) रेडियोधर्मी क्षय के दौरान उत्सर्जित होने वाले धनात्मक आवेशित कण हैं, जो 2 प्रोटॉन + 2 न्यूट्रॉन से बने होते हैं (मूलतः एक हीलियम नाभिक)।
बीटा किरणें (β) ऋणात्मक आवेशित इलेक्ट्रॉन हैं, जबकि कैथोड किरणें भी इलेक्ट्रॉनों की धारा हैं, दोनों ऋणात्मक आवेश वाहक हैं।
इसलिए, विकल्प 3 (अल्फा किरण) सही उत्तर है।
🧐 Not Sure What to Study Next?
Get a personalised study plan based on your goals, time and revision needs.
हीरे और ग्रेफाइट के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: हीरा एक विद्युत रोधक है (कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं), जबकि ग्रेफाइट एक अच्छा विद्युत चालक है (परतों में विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन होते हैं)।
❌ कथन 2 – गलत: हीरे में चतुष्फलकीय क्रिस्टल संरचना होती है (प्रत्येक कार्बन 3D में 4 अन्य से बंधा), जबकि ग्रेफाइट में षट्कोणीय परतदार संरचना होती है (प्रत्येक कार्बन 2D परतों में 3 अन्य से बंधा)।
❌ कथन 3 – गलत: हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है (मोह पैमाने पर 10), जबकि ग्रेफाइट परतों के बीच कमजोर वैन डेर वाल्स बलों के कारण नरम और फिसलनदार है (मोह पैमाने पर 1-2)।
दोनों कार्बन के अपररूप हैं जिनमें विभिन्न परमाणु व्यवस्थाओं के कारण बहुत भिन्न भौतिक गुण हैं।
परमाणु के नाभिक में निम्नलिखित होते हैं
Detailed Explanation:
परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन (धनावेशित) और न्यूट्रॉन (उदासीन) होते हैं, जो घने केंद्रीय भाग का निर्माण करते हैं जिसे रदरफोर्ड ने 1911 में खोजा था।
इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर इलेक्ट्रॉन बादलों में परिक्रमा करते हैं—वे नाभिकीय संरचना का हिस्सा नहीं हैं।
अतः, केवल प्रोटॉन और न्यूट्रॉन नाभिक का निर्माण करते हैं, जिससे विकल्प 2 सही उत्तर है।
किसी नाभिक की द्रव्यमान संख्या है
- न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्याओं का योग
- न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों का कुल द्रव्यमान
- सदैव परमाणु भार से अधिक
- सदैव इसकी परमाणु संख्या से कम
उपरोक्त में से कोई नहीं/एक से अधिक
Detailed Explanation:
किसी नाभिक की द्रव्यमान संख्या (A) को नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या के योग के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह एक गणना (आयामहीन पूर्णांक) है, न कि किलोग्राम या परमाणु द्रव्यमान इकाइयों में वास्तविक द्रव्यमान।
विकल्प 2 गलत तरीके से "कुल द्रव्यमान" कहता है (जिसकी इकाइयाँ होंगी); विकल्प 3 गलत है—द्रव्यमान संख्या परमाणु भार के करीब होती है लेकिन हमेशा अधिक नहीं; विकल्प 4 बेतुका है—द्रव्यमान संख्या हमेशा परमाणु संख्या (Z) से अधिक होती है।
अतः, विकल्प 1 सही उत्तर है।
किसी तत्व के समस्थानिक भिन्न होते हैं
- प्रोटॉनों की संख्या में
- द्रव्यमान संख्या में
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या में
- परमाणु संख्या में
उपरोक्त में से कोई नहीं/एक से अधिक
Detailed Explanation:
समस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं जिनकी परमाणु संख्या (प्रोटॉनों की संख्या) समान होती है लेकिन न्यूट्रॉनों की भिन्न संख्या के कारण द्रव्यमान संख्या अलग होती है। उदाहरण के लिए, कार्बन-12 और कार्बन-14 दोनों में 6 प्रोटॉन हैं लेकिन न्यूट्रॉन (6 बनाम 8) अलग हैं, जिससे द्रव्यमान संख्या (12 बनाम 14) भिन्न होती है।
किसी तत्व के समस्थानिकों में प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या स्थिर रहती है, क्योंकि प्रोटॉन बदलने से एक अलग तत्व बन जाएगा, और उदासीन परमाणु में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन बराबर होते हैं।
अतः, समस्थानिक केवल द्रव्यमान संख्या में भिन्न होते हैं, इसलिए विकल्प 2 सही उत्तर है।
निम्नलिखित में से कौन सा गलत विकल्प है?
Detailed Explanation:
विकल्प 1 गलत है: परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन होते हैं क्योंकि प्रोटॉन (धनात्मक) नाभिक में होते हैं और इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) बाहर कक्षा में परिक्रमा करते हैं—इलेक्ट्रॉन नाभिक के अंदर नहीं होते।
विकल्प 2, 3, और 4 सही हैं: इलेक्ट्रॉन ऋणात्मक आवेशित हैं और नगण्य द्रव्यमान वाले; परमाणु संख्या प्रोटॉन की संख्या के बराबर होती है; समस्थानिकों का उपयोग परमाणु ऊर्जा, चिकित्सा (रेडियोथेरेपी), और कार्बन-14 डेटिंग में होता है।
अतः, एक से अधिक कथन गलत/सही हैं, जिससे विकल्प 5 सही उत्तर है।
Related Topics in सामान्य विज्ञान
दैनिक जीवन में रसायन
अम्ल, क्षार एवं लवण
पदार्थ की अवस्थाएँ
धातुकर्म
रासायनिक अभिक्रियाएँ
कार्बनिक रसायन का आधार
विद्युत रसायन
पदार्थ एवं उसकी प्रकृति
Frequently Asked Questions
Common questions about परमाणु संरचना in BPSC CCE PRELIMS