पश्चिमी हूलॉक गिबन्स के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- उत्तर-पूर्व भारत में एक अभयारण्य इस वानर प्रजाति का घर है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की लाल सूची में लुप्तप्राय के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
- उनके पास विशेष ब्रैचिएशन है और वे पेड़ों के बीच आसानी से झूल सकते हैं।
- उनके पास गोरिल्ला की तरह मजबूत और भारी निर्माण है, फिर भी वे उल्लेखनीय रूप से फुर्तीले पेड़ पर चढ़ने वाले हैं।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। असम में होलोंगापार गिब्बन अभयारण्य इस प्रजाति के लिए समर्पित है। पश्चिमी हूलॉक गिब्बन को IUCN रेड लिस्ट में संकटग्रस्त (Endangered) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
कथन 2 — सही। ये ब्रैकिएशन के माध्यम से चलते हैं — अपनी लंबी बाहों का उपयोग करके एक शाखा से दूसरी शाखा पर तेज़ी से झूलते हैं।
कथन 3 — गलत। गिब्बन "छोटे वनमानुष" (Lesser Apes) हैं, गोरिल्ला जैसे नहीं। ये छोटे, पतले और हल्के होते हैं — केवल 6 से 9 किलोग्राम। उनका हल्का शरीर ही उन्हें इतनी फुर्ती से झूलने में मदद करता है।
Question 1 of 3 समाचारों में प्रजातियाँ
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