प्राचीन भारत के इतिहास के संदर्भ में, भवभूति, हस्तिमल्ल और क्षेमेश्वर प्रसिद्ध थे
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — नाटककार
भवभूति, हस्तिमल्ल और क्षेमेश्वर प्राचीन और प्रारंभिक मध्यकालीन भारत के प्रसिद्ध नाटककार थे जिन्होंने संस्कृत नाटक में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भवभूति (8वीं शताब्दी) ने कन्नौज के राजा यशोवर्मन के दरबार में सेवा की और मालतीमाधव और उत्तररामचरित जैसे प्रसिद्ध नाटक लिखे। हस्तिमल्ल (13वीं शताब्दी) होयसल काल के एक जैन नाटककार थे जो विक्रांतकौरव जैसी रचनाओं के लिए जाने जाते हैं, जबकि क्षेमेश्वर (10वीं शताब्दी) ने पाल वंश के राजा महिपाल की सेवा की और चंदकौशिक जैसे नाटकों की रचना की।
📝 संक्षिप्त नोट्स: प्राचीन भारत के प्रसिद्ध संस्कृत नाटककार
| नाटककार | काल | दरबार/संरक्षण | प्रमुख रचनाएँ |
|---|---|---|---|
| भवभूति | 8वीं शताब्दी ईस्वी | कन्नौज के राजा यशोवर्मन | मालतीमाधव, महावीरचरित, उत्तररामचरित |
| हस्तिमल्ल | 13वीं शताब्दी ईस्वी | होयसल काल (जैन नाटककार) | विक्रांतकौरव, मैथिलीकल्याण, अंजनपवनांजय |
| क्षेमेश्वर | 10वीं शताब्दी ईस्वी | राजा महिपाल (पाल वंश) | चंदकौशिक, नैषधानंद |
| कालिदास | 4थी-5वीं शताब्दी ईस्वी | गुप्त काल | अभिज्ञानशाकुंतलम्, विक्रमोर्वशीयम्, मालविकाग्निमित्रम् |
| शूद्रक | 3री-4थी शताब्दी ईस्वी | गुप्त काल | मृच्छकटिक (द लिटिल क्ले कार्ट) |
Question 2 of 2 शास्त्रीय संस्कृत रंगमंच
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