भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से सामंती व्यवस्था के आवश्यक मूलभूत तत्व है/हैं?
- एक अत्यंत सशक्त केंद्रीकृत राजनीतिक सत्ता और एक अत्यंत दुर्बल प्रांतीय या स्थानीय राजनीतिक सत्ता
- भूमि के नियंत्रण और स्वामित्व पर आधारित प्रशासनिक संरचना का उद्भव
- सामंत और उसके अधिपति के बीच स्वामी-जागीरदार संबंध का सृजन
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: सामंतवाद की विशेषता कमजोर केंद्रीय सत्ता है जिसमें शक्ति क्षेत्रीय सामंतों के बीच विकेंद्रित होती है, न कि सशक्त केंद्रीकरण।
✅ कथन 2 – सही: भूमि नियंत्रण सामंतवाद की आर्थिक नींव है, जहां प्रशासनिक शक्ति औपचारिक नौकरशाही संरचनाओं के बजाय भूमि के स्वामित्व और नियंत्रण से प्राप्त होती है।
✅ कथन 3 – सही: स्वामी-जागीरदार संबंध एक परिभाषित विशेषता है, जिसमें सैन्य सेवा, निष्ठा और राजस्व के बदले भूमि अनुदान (जागीर) शामिल है, जो दायित्वों का पदानुक्रमित पिरामिड बनाता है।
Question 2 of 2 व्यापार और वाणिज्य
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भारतीय इतिहास के मध्यकाल में बंजारे आम तौर पर थे -
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