भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत पर पहला मंगोल आक्रमण जलाल-उद-दीन खिलजी के शासनकाल में हुआ था।
- अला-उद-दीन खिलजी के शासनकाल के दौरान, एक मंगोल सेना दिल्ली तक पहुंची और शहर को घेर लिया।
- मुहम्मद-बिन-तुगलक ने अपने राज्य के उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्से अस्थायी रूप से मंगोलों से खो दिए।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न दिल्ली सल्तनत काल के दौरान मंगोल आक्रमणों के ज्ञान का परीक्षण करता है। केवल कथन 2 सही है, क्योंकि 1303 ई. में दिल्ली की मंगोल घेराबंदी अला-उद-दीन खिलजी के शासनकाल में हुई थी, जबकि अन्य कथनों में समयरेखा और शासकों के संबंध में तथ्यात्मक त्रुटियाँ हैं।
❌ कथन 1 – गलत: भारत पर पहला मंगोल आक्रमण 1221 ई. में चंगेज खान के अधीन इल्तुतमिश (1211-1236 ई.) के शासनकाल में हुआ था, जलाल-उद-दीन खिलजी (1290-1296 ई.) के शासनकाल में नहीं।
✅ कथन 2 – सही: 1303 ई. में, अला-उद-दीन खिलजी के शासनकाल (1296-1316 ई.) के दौरान, तारघी के नेतृत्व में एक विशाल मंगोल सेना ने दिल्ली को घेर लिया, जिससे सुल्तान को कई महीनों तक सीरी किले में शरण लेनी पड़ी।
❌ कथन 3 – गलत: मुहम्मद-बिन-तुगलक (1325-1351 ई.) ने अपने शासनकाल की शुरुआत में मंगोल आक्रमणों को सफलतापूर्वक विफल किया और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों को कभी नहीं खोया; बल्कि, उन्होंने मंगोल क्षेत्रों के खिलाफ एक महत्वाकांक्षी खुरासान अभियान की योजना भी बनाई।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत पर मंगोल आक्रमण (13वीं-14वीं शताब्दी)
| वर्ष/काल | शासक | घटना |
|---|---|---|
| 1221 ई. | इल्तुतमिश | ख्वारिज्म शाह का पीछा करते हुए चंगेज खान के अधीन पहला मंगोल आक्रमण; सिंधु तक पहुंचने के बाद मंगोल वापस लौट गए |
| 1241 ई. | रजिया सुल्तान | पंजाब और लाहौर पर मंगोल छापे |
| 1279-1290 ई. | बलबन | कई मंगोल आक्रमण; बलबन ने उत्तर-पश्चिमी सीमा को मजबूत किया और मजबूत सैन्य उपस्थिति स्थापित की |
| 1292 ई. | जलाल-उद-दीन खिलजी | अब्दुल्लाह के नेतृत्व में मंगोल आक्रमण को पराजित किया; मंगोल कैदियों पर दया दिखाई (उन्हें दिल्ली के पास 'नव मुसलमानों' के रूप में बसाया) |
| 1299-1308 ई. | अला-उद-दीन खिलजी | बार-बार मंगोल आक्रमण; 1303 ई. में तारघी की सेना द्वारा दिल्ली की घेराबंदी; अला-उद-दीन ने बाद में मंगोलों को निर्णायक रूप से कुचल दिया |
| 1327-1328 ई. | मुहम्मद-बिन-तुगलक | तरमाशिरीन के नेतृत्व में मंगोल आक्रमण को पराजित किया; उत्तर-पश्चिमी सीमाओं को प्रभावी ढंग से सुरक्षित किया |
- अला-उद-दीन खिलजी के प्रति-उपाय: सीरी किले का निर्माण, 4,75,000 घुड़सवारों की बड़ी स्थायी सेना बनाए रखी, गाजी मलिक (बाद में गयासुद्दीन तुगलक) को सीमा गवर्नर नियुक्त किया
- प्रभाव: मंगोल खतरे ने दिल्ली सल्तनत की सैन्य नीतियों, किलेबंदी रणनीतियों और आर्थिक सुधारों (विशेष रूप से अला-उद-दीन के मूल्य नियंत्रण और सैन्य सुधारों) को आकार दिया
- बस्तियाँ: कुछ मंगोल समूहों को धर्मांतरित कर भारत में बसाया गया ('नव मुसलमान' या नव-मुसलमान कहलाए), हालांकि विद्रोह की आशंका के कारण अला-उद-दीन ने बाद में कई का नरसंहार किया
Question 1 of 2 दिल्ली सल्तनत की स्थापना
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