निम्नलिखित में से किस मुगल सम्राट ने चित्रित पांडुलिपियों से जोर को एल्बम और व्यक्तिगत चित्रों की ओर स्थानांतरित किया?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — जहाँगीर
जहाँगीर (शासनकाल 1605-1627) ने मुगल चित्रकला के जोर को चित्रित पांडुलिपियों से एल्बम (मुरक्का) और व्यक्तिगत चित्रों की ओर स्थानांतरित किया। उन्हें प्रकृतिवादी कला में गहरी व्यक्तिगत रुचि थी और उन्होंने मंसूर (वनस्पति और जीव-जंतुओं के लिए प्रसिद्ध), अबुल हसन और उस्ताद मंसूर जैसे महान कलाकारों को संरक्षण दिया, जो चित्रांकन और यथार्थवादी अध्ययन में विशेषज्ञ थे। इसने बड़े पैमाने की पांडुलिपि चित्रण के बजाय अधिक परिष्कृत, विस्तृत व्यक्तिगत चित्रों और एल्बम प्रारूप में संकलन की ओर संक्रमण को चिह्नित किया।
📝 संक्षिप्त नोट्स: मुगल चित्रकला परंपराएँ
| सम्राट | कलात्मक जोर | मुख्य विशेषताएँ |
|---|---|---|
| हुमायूँ | फारसी शैली की शुरुआत | फारसी कलाकार मीर सैयद अली और अब्दुस समद को लाए; मुगल चित्रकला की नींव रखी |
| अकबर | चित्रित पांडुलिपियाँ | हम्ज़ानामा, रज़्मनामा, अकबरनामा को संरक्षण दिया; बड़े पैमाने पर कथा चित्रण; हिंदू-फारसी संश्लेषण |
| जहाँगीर | चित्र और एल्बम (मुरक्का) | प्रकृतिवाद पर जोर, व्यक्तिगत चित्र, वनस्पति-जीव अध्ययन; मंसूर, अबुल हसन, बिचित्र जैसे कलाकार |
| शाहजहाँ | औपचारिक दरबारी दृश्य | परिष्कृत लालित्य, वास्तुकला सटीकता, औपचारिक दरबार दृश्य; जहाँगीर की तुलना में कम प्रकृतिवाद |
Question 1 of 1 जहाँगीर
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