भारत की लैटेराइट मिट्टी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
- ये सामान्यतः लाल रंग की होती हैं।
- ये नाइट्रोजन और पोटाश से समृद्ध होती हैं।
- ये राजस्थान और यूपी में अच्छी तरह विकसित होती हैं।
- टैपिओका और काजू इन मिट्टी पर अच्छी तरह उगते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: लैटेराइट मिट्टी उष्णकटिबंधीय परिस्थितियों में निक्षालन से बनी लौह ऑक्साइड की उच्च मात्रा के कारण विशिष्ट जंग-लाल रंग की होती है।
❌ कथन 2 – गलत: लैटेराइट मिट्टी नाइट्रोजन, पोटाश, पोटैशियम, फॉस्फोरस और चूने में कमी वाली होती है, हालांकि लौह और एल्युमिनियम ऑक्साइड में समृद्ध होती है; ह्यूमस की मात्रा भी बहुत कम होती है।
❌ कथन 3 – गलत: लैटेराइट मिट्टी पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट (कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र), ओडिशा, असम और मेघालय के अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में विकसित होती है — अर्ध-शुष्क राजस्थान या यूपी में नहीं।
✅ कथन 4 – सही: कम उर्वरता के बावजूद, पर्याप्त उर्वरक और सिंचाई के साथ टैपिओका, काजू, चाय, कॉफी और रबर लैटेराइट मिट्टी पर अच्छी तरह उगते हैं।
Question 3 of 3 भारत की मृदाएँ
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