निम्नलिखित में से कौन सा कथन उन्नीसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में भारत पर औद्योगिक क्रांति के प्रभाव की सही व्याख्या करता है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — भारतीय हस्तशिल्प बर्बाद हो गए
19वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति के परिणामस्वरूप सस्ते मशीन-निर्मित सामानों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हुआ, जिसने भारतीय बाजारों को भर दिया। इसके फलस्वरूप भारत के परंपरागत कुटीर और हस्तशिल्प उद्योगों, विशेष रूप से वस्त्र उद्योग का विऔद्योगीकरण और विनाश हुआ, क्योंकि वे ब्रिटिश आयात के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सके।
✅ कथन 1 – सही: ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति के कारण सस्ते मशीन-निर्मित सामानों ने अनुचित प्रतिस्पर्धा के माध्यम से पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को नष्ट कर दिया।
❌ कथन 2 – गलत: 19वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में भारतीय वस्त्र उद्योग में बड़ी संख्या में मशीनें नहीं लगाई गईं; आयातित मशीनरी वाली आधुनिक मिलें केवल 1850 के दशक में बॉम्बे और अहमदाबाद जैसे शहरों में उभरनी शुरू हुईं।
❌ कथन 3 – गलत: 19वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में देश के कई हिस्सों में रेलवे लाइनें नहीं बिछाई गईं; पहली रेलवे लाइन (बॉम्बे-ठाणे) का उद्घाटन केवल 1853 में हुआ, और महत्वपूर्ण विस्तार केवल शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हुआ।
❌ कथन 4 – गलत: ब्रिटिश आयात पर भारी शुल्क नहीं लगाया गया; बल्कि, ब्रिटिश सामानों को भारतीय बाजारों में शुल्क-मुक्त या कम शुल्क की सुविधा प्राप्त थी, जबकि भारतीय सामानों को ब्रिटेन में उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ता था, जिससे असमान व्यापार संबंध बने।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत पर औद्योगिक क्रांति का आर्थिक प्रभाव
| पहलू | भारत पर प्रभाव (19वीं शताब्दी का पूर्वार्द्ध) |
|---|---|
| विऔद्योगीकरण | पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग (विशेषकर वस्त्र) सस्ते ब्रिटिश मशीन-निर्मित सामानों की प्रतिस्पर्धा के कारण नष्ट हो गए |
| व्यापार नीति | असमान व्यापार: ब्रिटिश सामान शुल्क-मुक्त या कम शुल्क के साथ भारत में प्रवेश करते थे, जबकि भारतीय निर्यात को ब्रिटेन में उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ता था |
| धन का निष्कासन | भारत से कच्चा माल सस्ते दामों पर निर्यात; तैयार माल ऊंची कीमतों पर आयात, जिससे आर्थिक निष्कासन हुआ |
| औद्योगिक विकास | इस अवधि में भारत में न्यूनतम मशीनीकरण; पहली आधुनिक वस्त्र मिलें केवल 1850 के दशक में उभरीं (बॉम्बे, अहमदाबाद) |
| बुनियादी ढांचा | रेलवे विकास की शुरुआत केवल 1853 में हुई (बॉम्बे-ठाणे लाइन); बड़ा विस्तार 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हुआ |
| शिल्पकार वर्ग | लाखों बुनकरों, कताई करने वालों और शिल्पकारों ने अपनी आजीविका खो दी और कृषि की ओर मुड़ने को मजबूर हुए, जिससे ग्रामीण गरीबी बढ़ी |
Question 1 of 1 भारत का औद्योगिक पतन
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