भारत में लघु वित्त बैंकों (Small Finance Banks - SFBs) की स्थापना का उद्देश्य क्या है?
- लघु व्यवसाय इकाइयों को ऋण प्रदान करना
- लघु और सीमांत किसानों को ऋण प्रदान करना
- युवा उद्यमियों को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1 और 2
लघु वित्त बैंकों (SFBs) की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जनसंख्या के असेवित और अल्पसेवित वर्गों को बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करके वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। इनका प्राथमिक उद्देश्य लघु व्यवसाय इकाइयों, लघु और सीमांत किसानों, सूक्ष्म और लघु उद्योगों तथा असंगठित क्षेत्र की इकाइयों को ऋण प्रदान करना है।
✅ कथन 1 – सही: SFBs विशेष रूप से वित्तीय समावेशन के अपने मुख्य उद्देश्य के भाग के रूप में लघु व्यवसाय इकाइयों को ऋण सुविधाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
✅ कथन 2 – सही: लघु और सीमांत किसानों को ऋण प्रदान करना कृषि और ग्रामीण विकास को समर्थन देने के लिए SFBs के प्राथमिक उद्देश्यों में से एक है।
❌ कथन 3 – गलत: यद्यपि SFBs युवा उद्यमियों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचा सकते हैं, उनका प्राथमिक उद्देश्य विशेष रूप से युवा उद्यमियों को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना नहीं है; यह MUDRA या स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाओं के साथ अधिक संरेखित है।
Question 10 of 15 भारत की बैंकिंग संरचना
Practice PYQ questions from this topic across all years
निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए: भारत के किसी राज्य में पहली लोकतांत्रिक रूप से न...
RBI द्वारा घोषित 'मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR)' का/के उद्देश्य क्...