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वैदिक धर्म एवं दर्शन Previous Year Questions (PYQs)
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Solved Previous Year Questions
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- उपनिषदों में कोई दृष्टांत (parables) नहीं हैं।
- उपनिषद पुराणों से पहले रचे गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न प्राचीन भारतीय साहित्यिक स्रोतों की कालक्रमिकता और विशेषताओं के ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन 1 गलत है क्योंकि उपनिषदों में दार्शनिक अवधारणाओं को व्यक्त करने के लिए दृष्टांत और रूपक शामिल हैं। कथन 2 सही है क्योंकि उपनिषद (800-500 ईसा पूर्व) वास्तव में पुराणों (तीसरी शताब्दी ईस्वी के बाद) से बहुत पहले रचे गए थे।
❌ कथन 1 – गलत: उपनिषदों में अनेक दृष्टांत और रूपक हैं, जैसे छान्दोग्य उपनिषद में सत्यकाम जाबाल की कहानी और मुण्डक उपनिषद में दो पक्षियों का दृष्टांत, जिनका उपयोग जटिल दार्शनिक विचारों को समझाने के लिए किया गया है।
✅ कथन 2 – सही: उपनिषद, जो वेदांत (वेदों का अंत) बनाते हैं, 800-500 ईसा पूर्व के बीच रचे गए थे, जबकि पुराण बाद के ग्रंथों की एक शैली हैं जो लगभग तीसरी शताब्दी ईस्वी के बाद रचे गए, जिससे उपनिषद काफी पुराने हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: उपनिषद और पुराण
| विशेषता | उपनिषद | पुराण |
|---|---|---|
| रचना काल | 800-500 ईसा पूर्व (उत्तर वैदिक काल) | तीसरी शताब्दी ईस्वी के बाद (गुप्त काल और बाद में) |
| वैदिक साहित्य का भाग | हाँ, वेदांत (वेदों का अंत) बनाते हैं | नहीं, स्मृति परंपरा से संबंधित हैं |
| साहित्यिक शैली | दार्शनिक संवाद, दृष्टांत, रूपक | कथाएँ, वंशावली, ब्रह्मांड विज्ञान, मिथक |
| मुख्य विषयवस्तु | ब्रह्म, आत्मा, मोक्ष, दार्शनिक जिज्ञासा | सृष्टि, विनाश, देवताओं और ऋषियों की वंशावली, अनुष्ठान |
| संख्या | 108 उपनिषद (13 प्रमुख) | 18 महापुराण और 18 उपपुराण |
| भाषा | वैदिक संस्कृत | शास्त्रीय संस्कृत |
- उपनिषदों को वेदांत (वेद + अंत) भी कहा जाता है क्योंकि वे वैदिक विचार के चरम का प्रतिनिधित्व करते हैं और हिंदू धर्म की दार्शनिक नींव बनाते हैं।
- प्रमुख उपनिषदों में शामिल हैं: ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, माण्डूक्य, तैत्तिरीय, ऐतरेय, छान्दोग्य, बृहदारण्यक।
- पुराणों ने कहानियों और मिथकों के माध्यम से आम लोगों के बीच धार्मिक विचारों को लोकप्रिय बनाया, जो भक्ति आंदोलन के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- प्रमुख पुराणों में शामिल हैं: विष्णु पुराण, भागवत पुराण, शिव पुराण, मार्कण्डेय पुराण, मत्स्य पुराण।
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