विश्व बैंक ने चेतावनी दी कि भारत उन पहले स्थानों में से एक बन सकता है जहां वेट-बल्ब तापमान नियमित रूप से 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन उपर्युक्त रिपोर्ट के निहितार्थ को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
I. प्रायद्वीपीय भारत सबसे अधिक बाढ़, उष्णकटिबंधीय चक्रवातों और सूखे से पीड़ित होगा।
II. मनुष्यों सहित जानवरों का अस्तित्व प्रभावित होगा क्योंकि पसीने के माध्यम से उनके शरीर की गर्मी को बाहर निकालना मुश्किल हो जाएगा।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (I और II दोनों)
Wet-bulb temperature तापमान और आर्द्रता (Humidity) दोनों को मिलाकर मापा जाता है। 35°C Wet-Bulb Temperature को अत्यंत खतरनाक माना जाता है क्योंकि इस स्तर पर मानव शरीर पसीने के माध्यम से स्वयं को ठंडा नहीं रख पाता। विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि भारत के कुछ क्षेत्रों में ऐसी स्थितियाँ अधिक सामान्य हो सकती हैं।
✅ कथन I सही है: बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़, उष्णकटिबंधीय चक्रवात और सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ सकती है, विशेषकर प्रायद्वीपीय भारत में।
✅ कथन II सही है: 35°C Wet-Bulb Temperature पर पसीना प्रभावी रूप से वाष्पित नहीं हो पाता, जिससे मनुष्य और पशु अपने शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकाल पाते और जीवन के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है।
संक्षिप्त नोट्स: Wet-Bulb Temperature
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Wet-Bulb Temperature में तापमान और आर्द्रता दोनों शामिल होते हैं।
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35°C Wet-Bulb Temperature को मानव सहनशीलता की ऊपरी सीमा माना जाता है।
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अधिक आर्द्रता होने पर पसीने का वाष्पीकरण कम हो जाता है।
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जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक गर्मी की घटनाएँ बढ़ रही हैं।
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भारत हीट स्ट्रेस (Heat Stress) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील देशों में से एक है।
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हीटवेव के दौरान स्वास्थ्य जोखिम मापने में Wet-Bulb Temperature का उपयोग किया जाता है।
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इसका प्रभाव मानव स्वास्थ्य, कृषि, पशुधन और श्रम उत्पादकता पर पड़ता है।
Question 1 of 1 जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
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