भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए 'पेमेंट बैंकों' की स्थापना की अनुमति दी जा रही है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- मोबाइल टेलीफोन कंपनियां और सुपरमार्केट चेन जो निवासियों के स्वामित्व और नियंत्रण में हैं, पेमेंट बैंकों के प्रवर्तक बनने के पात्र हैं।
- पेमेंट बैंक क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड दोनों जारी कर सकते हैं।
- पेमेंट बैंक ऋण देने की गतिविधियां नहीं कर सकते हैं।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 1 और 3
✅ कथन 1 – सही: मोबाइल टेलीफोन कंपनियां और सुपरमार्केट चेन जो निवासियों के स्वामित्व और नियंत्रण में हैं, RBI के दिशानिर्देशों के तहत पेमेंट बैंकों के प्रवर्तक बनने के पात्र हैं। यह प्रावधान व्यापक पहुंच और वितरण नेटवर्क वाली संस्थाओं को बिना बैंक खाते वाली आबादी के बीच वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में सक्षम बनाता है।
❌ कथन 2 – गलत: पेमेंट बैंकों को केवल अपने जमा खातों से जुड़े डेबिट कार्ड और ATM कार्ड जारी करने की अनुमति है। वे क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें किसी भी ऋण गतिविधि को करने का अधिकार नहीं है, जो क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए आवश्यक है।
✅ कथन 3 – सही: पेमेंट बैंकों को RBI नियमों के तहत ऋण देने की गतिविधियां करने से स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया गया है। वे केवल जमा स्वीकार कर सकते हैं (प्रति ग्राहक ₹2 लाख तक) और भुगतान/प्रेषण सेवाएं प्रदान कर सकते हैं, इस प्रकार वे केवल लेनदेन और बचत की सुविधा पर ध्यान केंद्रित करते हैं न कि ऋण सृजन पर।
Question 13 of 13 डिजिटल बैंकिंग एवं भुगतान प्रणाली
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