हिल्टन-यंग कमीशन (1926) द्वारा निर्धारित कृत्रिम रूप से निर्धारित रुपया-स्टर्लिंग विनिमय दर को ब्रिटिश सरकार द्वारा निम्नलिखित में से किस कारण से अपनाया गया था?
Detailed Explanation:
हिल्टन-यंग आयोग (1926) ने रुपये और स्टर्लिंग के विनिमय दर को कृत्रिम रूप से 1 शिलिंग 6 पेंस प्रति रुपया पर निर्धारित करने की सिफारिश की थी।
ब्रिटिश सरकार ने इसे मुख्य रूप से होम चार्जेज़ (पेंशन, प्रशासनिक खर्च, ऋण भुगतान आदि) के लिए ब्रिटेन को धन भेजने में सुविधा और भारत की वित्तीय साख बनाए रखने के लिए अपनाया।
इसलिए विकल्प A सही उत्तर है।
| होम चार्जेज़ वे भुगतान थे जो औपनिवेशिक भारत को ब्रिटेन को करने पड़ते थे, जैसे प्रशासनिक खर्च, सेना का खर्च, पेंशन और ऋण पर ब्याज। मजबूत रुपये के कारण ब्रिटेन को स्टर्लिंग भेजने के लिए कम रुपये जुटाने पड़ते थे। हालांकि, इससे भारतीय निर्यातकों को नुकसान हुआ क्योंकि भारतीय वस्तुएँ विदेशी बाजार में महंगी हो गईं। |
Question 1 of 2 धन निकासी सिद्धांत
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