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अन्य प्रमुख हस्तियां Previous Year Questions (PYQs)
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Solved Previous Year Questions
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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| व्यक्ति | धारित पद |
|---|---|
| 1. सर तेज बहादुर सप्रू | अध्यक्ष, अखिल भारतीय उदारवादी संघ |
| 2. के.सी. नियोगी | संविधान सभा के सदस्य |
| 3. पी.सी. जोशी | महासचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 1, 2 और 3
तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। सर तेज बहादुर सप्रू एक प्रमुख उदारवादी नेता थे जिन्होंने अखिल भारतीय उदारवादी संघ के अध्यक्ष के रूप में सेवा की। के.सी. नियोगी वास्तव में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हुए संविधान सभा के सदस्य थे। पी.सी. जोशी 1935 से 1947 तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम महासचिव थे।
✅ युग्म 1 – सही: सर तेज बहादुर सप्रू अखिल भारतीय उदारवादी संघ के अध्यक्ष और एक प्रतिष्ठित उदारवादी नेता थे।
✅ युग्म 2 – सही: के.सी. नियोगी पश्चिम बंगाल से संविधान सभा के सदस्य थे।
✅ युग्म 3 – सही: पी.सी. जोशी ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम महासचिव (1935-1947) के रूप में सेवा की।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की प्रमुख विभूतियाँ
| व्यक्ति | प्रमुख भूमिका/पद | महत्व |
|---|---|---|
| सर तेज बहादुर सप्रू (1875-1949) | अध्यक्ष, अखिल भारतीय उदारवादी संघ | प्रख्यात वकील, उदारवादी नेता, विभिन्न गोलमेज सम्मेलनों के सदस्य, उदारवादी संवैधानिक सुधार के पक्षधर |
| के.सी. नियोगी (1897-1973) | सदस्य, संविधान सभा (पश्चिम बंगाल) | नेहरू मंत्रिमंडल में राहत और पुनर्वास मंत्री, विभाजन के बाद शरणार्थी पुनर्वास पर कार्य |
| पी.सी. जोशी (1907-1980) | महासचिव, सीपीआई (1935-1947) | सीपीआई के प्रथम महासचिव, स्वतंत्रता पूर्व के महत्वपूर्ण वर्षों में पार्टी का नेतृत्व, 1947 में बी.टी. रणदिवे द्वारा प्रतिस्थापित |
- अखिल भारतीय उदारवादी संघ: 1918 में उन उदारवादी नेताओं द्वारा गठित जो संवैधानिक तरीकों और ब्रिटिश सुधारों के साथ सहयोग में विश्वास करते थे।
- संविधान सभा: 1946 में भारत के संविधान का निर्माण करने के लिए स्थापित; इसमें विभिन्न प्रांतों और रियासतों का प्रतिनिधित्व करने वाले 299 सदस्य थे।
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी: 1925 में स्थापित, स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ट्रेड यूनियन आंदोलनों और किसान संघर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने मैज़िनी, गैरीबाल्डी, शिवाजी और श्रीकृष्ण की जीवनियाँ लिखीं; कुछ समय अमेरिका में रहे, और केंद्रीय विधानसभा के लिए भी चुने गए। वे थे
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — लाला लाजपत राय
लाला लाजपत राय एक प्रमुख राष्ट्रवादी नेता थे जिन्होंने भारतीय युवाओं को देशभक्ति और त्याग के आदर्शों से प्रेरित करने के लिए मैज़िनी, गैरीबाल्डी, शिवाजी और श्रीकृष्ण की जीवनियाँ लिखीं। वे 1914 से 1920 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में रहे, जहाँ उन्होंने न्यूयॉर्क में भारतीय होम रूल लीग ऑफ अमेरिका (1917) की स्थापना की, और बाद में 1923 में स्वराज पार्टी के सदस्य के रूप में केंद्रीय विधान सभा के लिए चुने गए।
📝 संक्षिप्त नोट्स: लाला लाजपत राय
- उपनाम: 'पंजाब केसरी' (पंजाब का शेर) और उग्रवादी लाल-बाल-पाल त्रिमूर्ति के सदस्य (लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल)
- साहित्यिक योगदान: मैज़िनी, गैरीबाल्डी, शिवाजी और श्रीकृष्ण की जीवनियाँ लिखीं; 'यंग इंडिया' (1916) और 'अनहैप्पी इंडिया' (1928) की रचना की
- अमेरिका प्रवास (1914-1920): न्यूयॉर्क में भारतीय होम रूल लीग ऑफ अमेरिका (1917) की स्थापना की; भारत की स्वतंत्रता के लिए अभियान चलाया
- राजनीतिक कैरियर: 1923 में स्वराज पार्टी के सदस्य के रूप में केंद्रीय विधान सभा के लिए चुने गए; साइमन कमीशन का विरोध किया
- शहादत: लाहौर में साइमन कमीशन के विरोध का नेतृत्व किया (1928); लाठीचार्ज में घायल हुए और 17 नवंबर 1928 को मृत्यु हो गई
- विरासत: उनकी मृत्यु ने स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी; भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे क्रांतिकारियों को प्रेरित किया
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