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नैनो प्रौद्योगिकी Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for नैनो प्रौद्योगिकी with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- कार्बन फाइबर का उपयोग ऑटोमोबाइल और विमानों में प्रयुक्त घटकों के निर्माण में किया जाता है।
- कार्बन फाइबर का एक बार उपयोग करने के बाद पुनर्चक्रण नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1
कार्बन फाइबर का व्यापक रूप से ऑटोमोबाइल और विमानों के घटकों के निर्माण में उपयोग किया जाता है क्योंकि इनमें असाधारण शक्ति-से-वजन अनुपात, उच्च कठोरता और हल्के गुण होते हैं। कथन 1 सही है क्योंकि ये सामग्री एयरोस्पेस और ऑटोमोटिव उद्योगों में वजन कम करने और ईंधन दक्षता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
✅ कथन 1 – सही: कार्बन फाइबर वास्तव में अपने बेहतर यांत्रिक गुणों और हल्के स्वभाव के कारण ऑटोमोबाइल और विमान घटकों के निर्माण में उपयोग किए जाते हैं।
❌ कथन 2 – गलत: कार्बन फाइबर का पुनर्चक्रण विभिन्न विधियों जैसे यांत्रिक पुनर्चक्रण (छोटे टुकड़ों में तोड़ना), रासायनिक पुनर्चक्रण (फाइबर निकालने के लिए राल को घोलना), और थर्मल पुनर्चक्रण (फाइबर पुनर्प्राप्त करने के लिए पायरोलिसिस) के माध्यम से किया जा सकता है, हालांकि प्रौद्योगिकी अभी विकसित हो रही है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: कार्बन फाइबर
- संरचना: कार्बन परमाणुओं की लंबी श्रृंखलाओं से युक्त कार्बनिक बहुलकों से बने होते हैं जो क्रिस्टलीय संरेखण में बंधे होते हैं
- मुख्य गुण: उच्च तन्य शक्ति, कम वजन (स्टील से 5 गुना हल्का), उच्च कठोरता, उच्च तापमान सहनशीलता, कम थर्मल विस्तार, और रासायनिक प्रतिरोध
- निर्माण प्रक्रिया: पॉलीएक्रिलोनिट्राइल (PAN), पिच, या रेयान जैसी पूर्ववर्ती सामग्रियों के उच्च तापमान (1000-3000°C) पर कार्बनीकरण के माध्यम से उत्पादित
- अनुप्रयोग: एयरोस्पेस (विमान फ्यूजलेज, पंख), ऑटोमोटिव (रेसिंग कारें, लक्जरी वाहन), खेल उपकरण (साइकिल, टेनिस रैकेट), पवन टरबाइन ब्लेड, और चिकित्सा उपकरण
- पुनर्चक्रण विधियाँ: यांत्रिक (काटना/पीसना), थर्मल/पायरोलिसिस (450-700°C पर राल को जलाना), रासायनिक (विलायकों का उपयोग करके सॉल्वोलिसिस), और इलेक्ट्रोकेमिकल प्रक्रियाएं
- चुनौतियाँ: उच्च उत्पादन लागत, भंगुरता (कम प्रभाव प्रतिरोध), धातुओं की तुलना में पुनर्चक्रण में कठिनाई, और विशेष निर्माण आवश्यकताएं
- पर्यावरणीय विचार: जबकि पहले पुनर्चक्रण क्षमता सीमित थी, आधुनिक पुनर्चक्रण प्रौद्योगिकियाँ कार्बन फाइबर कंपोजिट को अधिक टिकाऊ बना रही हैं और पुनर्प्राप्त फाइबर मूल गुणों का 90-95% बनाए रखते हैं
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- मनुष्यों द्वारा निर्मित कणों के अलावा, नैनोकण प्रकृति में मौजूद नहीं होते हैं।
- कुछ धात्विक ऑक्साइडों के नैनोकण कुछ प्रसाधन सामग्रियों के निर्माण में उपयोग किए जाते हैं।
- कुछ व्यावसायिक उत्पादों के नैनोकण जो पर्यावरण में प्रवेश करते हैं, मनुष्यों के लिए असुरक्षित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 2 और 3
यह प्रश्न नैनोकणों, उनकी प्राकृतिक उपस्थिति, अनुप्रयोगों और संभावित सुरक्षा चिंताओं की समझ का परीक्षण करता है। कथन 1 गलत है क्योंकि नैनोकण विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं, जबकि कथन 2 और 3 प्रसाधन सामग्रियों में उनके उपयोग और संभावित पर्यावरणीय जोखिमों के संबंध में सही हैं।
❌ कथन 1 – गलत: नैनोकण ज्वालामुखी विस्फोट, वन की आग, समुद्री स्प्रे और जैविक प्रक्रियाओं (जैसे, वायरस, प्रोटीन कॉम्प्लेक्स) के माध्यम से पर्यावरण में प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं।
✅ कथन 2 – सही: जिंक ऑक्साइड (ZnO) और टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO₂) जैसे धात्विक ऑक्साइडों के नैनोकण आमतौर पर सनस्क्रीन और प्रसाधन सामग्रियों में UV सुरक्षा और बेहतर बनावट के लिए उपयोग किए जाते हैं।
✅ कथन 3 – सही: व्यावसायिक उत्पादों से कई नैनोकण पर्यावरण में प्रवेश कर सकते हैं और जैविक बाधाओं को भेदने और अंगों में जमा होने की उनकी क्षमता के कारण स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: नैनोकण
- परिभाषा: ऐसे कण जिनका कम से कम एक आयाम 1-100 नैनोमीटर (nm) के बीच होता है
- प्राकृतिक स्रोत: ज्वालामुखी राख, समुद्री स्प्रे, वन की आग, खनिज अपक्षय, और जैविक इकाइयाँ (वायरस, फेरिटिन)
- प्रसाधन अनुप्रयोग: सनस्क्रीन में जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड नैनोकण दृश्य सफेद अवशेष के बिना व्यापक-स्पेक्ट्रम UV सुरक्षा प्रदान करते हैं
- अन्य अनुप्रयोग: दवा वितरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, उत्प्रेरण, जल शुद्धिकरण, जीवाणुरोधी कोटिंग्स
- सुरक्षा चिंताएँ: उच्च सतह क्षेत्र-से-आयतन अनुपात जैविक प्रणालियों के साथ अंतःक्रिया की अनुमति देता है; रक्त-मस्तिष्क बाधा और कोशिका झिल्ली को पार कर सकते हैं; जैव-संचय की संभावना
- पर्यावरणीय प्रभाव: पर्यावरण में दृढ़ता, जलीय जीवों के लिए विषाक्तता, पारिस्थितिकी तंत्र पर अज्ञात दीर्घकालिक प्रभाव
- विनियमन: कई देश उपभोक्ता उत्पादों में नैनो सामग्री सुरक्षा मूल्यांकन के लिए विशिष्ट दिशानिर्देश विकसित कर रहे हैं
कार्बन नैनोट्यूब के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इनका उपयोग मानव शरीर में दवाओं और प्रतिजनों के वाहक के रूप में किया जा सकता है।
- इन्हें मानव शरीर के घायल भाग के लिए कृत्रिम रक्त केशिकाओं में बनाया जा सकता है।
- इनका उपयोग जैव रासायनिक संवेदकों में किया जा सकता है।
- कार्बन नैनोट्यूब जैव निम्नीकरणीय होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1, 3 और 4
कार्बन नैनोट्यूब (CNTs) अद्वितीय गुणों वाली बेलनाकार नैनोसंरचनाएं हैं जो उन्हें दवा वितरण, जैवसंवेदन और कुछ परिस्थितियों में जैव निम्नीकरण सहित जैव चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि CNTs को विश्वसनीय रूप से कार्यात्मक कृत्रिम रक्त केशिकाओं में नहीं बनाया जा सकता है—यह अनुप्रयोग प्रयोगात्मक बना हुआ है और इसमें मान्य नैदानिक उपयोग का अभाव है।
✅ कथन 1 – सही: CNTs को दवाओं और प्रतिजनों के साथ कार्यात्मक बनाया जा सकता है, जिससे वे जैविक झिल्लियों को पार करने की क्षमता के कारण मानव शरीर में लक्षित वितरण के लिए प्रभावी वाहक बन जाते हैं।
❌ कथन 2 – गलत: हालांकि CNTs को ऊतक इंजीनियरिंग स्कैफोल्ड्स में खोजा गया है, इन्हें कार्यात्मक कृत्रिम रक्त केशिकाओं में नहीं बनाया जा सकता क्योंकि इनके लिए सटीक जैविक अनुकूलता, लचीलापन और पारगम्यता की आवश्यकता होती है जो अकेले CNTs दोहरा नहीं सकते।
✅ कथन 3 – सही: CNTs में उच्च सतह-से-आयतन अनुपात और अद्वितीय विद्युत गुण होते हैं, जो उन्हें जैव रासायनिक संवेदकों के लिए आदर्श बनाते हैं जो ग्लूकोज, प्रोटीन और DNA जैसे जैव अणुओं का उच्च संवेदनशीलता के साथ पता लगाते हैं।
✅ कथन 4 – सही: शोध से पता चला है कि CNTs को मानव न्यूट्रोफिल में पाए जाने वाले माइलोपेरोक्सिडेज (MPO) जैसे ऑक्सीडेटिव एंजाइमों द्वारा जैव निम्नीकृत किया जा सकता है, हालांकि जैव निम्नीकरणीयता CNT प्रकार, संरचना और सतह कार्यात्मकीकरण पर निर्भर करती है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: कार्बन नैनोट्यूब
- संरचना: ग्राफीन की लुढ़की हुई शीटों से बनी बेलनाकार नैनोसंरचनाएं, जिनका व्यास नैनोमीटर में और लंबाई माइक्रोमीटर तक होती है।
- प्रकार: एकल-भित्ति कार्बन नैनोट्यूब (SWCNTs) और बहु-भित्ति कार्बन नैनोट्यूब (MWCNTs)।
- गुण: असाधारण यांत्रिक शक्ति, उच्च विद्युत और तापीय चालकता, उच्च सतह क्षेत्र, और कार्यात्मक बनाए जाने की क्षमता।
- जैव चिकित्सा अनुप्रयोग: दवा वितरण प्रणाली, जीन थेरेपी वाहक, जैवसंवेदक, ऊतक इंजीनियरिंग स्कैफोल्ड्स, और इमेजिंग कंट्रास्ट एजेंट।
- दवा वितरण: चिकित्सीय एजेंटों को ले जाने और विशिष्ट कोशिकाओं को लक्षित करने के लिए कार्यात्मक बनाया जा सकता है, जिससे दवा की प्रभावकारिता में सुधार होता है और दुष्प्रभाव कम होते हैं।
- जैवसंवेदक: उच्च संवेदनशीलता के साथ ग्लूकोज, कोलेस्ट्रॉल, DNA, प्रोटीन और रोगजनकों का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रोकेमिकल और ऑप्टिकल सेंसर में उपयोग किया जाता है।
- जैव निम्नीकरणीयता बहस: कुछ अध्ययन पेरोक्सिडेज द्वारा एंजाइमेटिक निम्नीकरण दिखाते हैं, लेकिन जैव निम्नीकरणीयता CNT संरचना, कार्यात्मकीकरण और पर्यावरणीय परिस्थितियों के साथ भिन्न होती है; जैविक प्रणालियों में स्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है।
- चुनौतियां: संभावित विषाक्तता, जैव अनुकूलता के मुद्दे, जैविक तरल पदार्थों में एकत्रीकरण, और बड़े पैमाने पर उत्पादन और कार्यात्मकीकरण के लिए मानकीकृत विधियों की कमी।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में नैनोतकनीक के उपयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- नैनोतकनीक द्वारा लक्षित दवा वितरण संभव हो पाता है
- नैनोतकनीक जीन थेरेपी में बड़े पैमाने पर योगदान दे सकती है
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: नैनोकण दवाओं को सीधे रोगग्रस्त कोशिकाओं तक पहुंचाकर लक्षित दवा वितरण को संभव बनाते हैं, जिससे दुष्प्रभाव कम होते हैं और उपचार की प्रभावशीलता बढ़ती है।
✅ कथन 2 – सही: नैनोवाहक विशिष्ट कोशिकाओं में आनुवंशिक सामग्री (DNA/RNA) पहुंचाते हैं, जिससे आनुवंशिक विकारों के उपचार के लिए जीन थेरेपी में नैनोतकनीक महत्वपूर्ण हो जाती है।
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