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उदारवादी नेता एवं तरीके Previous Year Questions (PYQs)
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Solved Previous Year Questions
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष सरोजिनी नायडू थीं।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष बदरुद्दीन तैयबजी थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष एनी बेसेंट थीं जो 1917 (कलकत्ता अधिवेशन) में अध्यक्ष बनीं। सरोजिनी नायडू प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष थीं जो 1925 (कानपुर अधिवेशन) में अध्यक्ष बनीं।
✅ कथन 2 – सही: बदरुद्दीन तैयबजी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे, जिन्होंने 1887 (मद्रास) में तीसरे अधिवेशन की अध्यक्षता की।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के उद्देश्य में दादाभाई नौरोजी द्वारा दिया गया सबसे प्रभावी योगदान यह था कि उन्होंने -
- अंग्रेजों द्वारा भारत के आर्थिक शोषण को उजागर किया
- प्राचीन भारतीय ग्रंथों की व्याख्या की और भारतीयों का आत्मविश्वास बहाल किया
- किसी भी अन्य चीज से पहले सभी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन की आवश्यकता पर जोर दिया
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: दादाभाई नौरोजी ने अपने धन के निष्कासन सिद्धांत के माध्यम से आर्थिक शोषण को उजागर किया, यह दर्शाते हुए कि ब्रिटेन ने व्यापार असंतुलन, अप्रतिफल निर्यात, होम चार्जेस और विदेश में दी जाने वाली पेंशन के माध्यम से भारत के संसाधनों को निकाला।
❌ कथन 2 – गलत: स्वामी विवेकानंद और सांस्कृतिक पुनरुत्थानवादियों ने आत्मविश्वास बहाल करने के लिए प्राचीन भारतीय ग्रंथों की व्याख्या की, नौरोजी ने नहीं।
❌ कथन 3 – गलत: नौरोजी ने राजनीतिक और आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया और शासन में भारतीय प्रतिनिधित्व की मांग की; सामाजिक सुधार उनका मुख्य जोर नहीं था।
1939 में कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने सात प्रांतों में इस्तीफा दे दिया, क्योंकि:
Detailed Explanation:
कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने अक्टूबर 1939 में इस्तीफा दिया, वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो के एकतरफा निर्णय के विरोध में जिसमें उन्होंने भारतीय प्रतिनिधियों से परामर्श किए बिना भारत को द्वितीय विश्व युद्ध में युद्धरत घोषित कर दिया।
❌ कथन 1 – गलत: कांग्रेस ने 1937 के चुनावों के बाद 11 में से 8 प्रांतों में मंत्रिमंडल बनाए थे, और अन्यत्र मंत्रिमंडल न बना पाना इस्तीफे का कारण नहीं था।
❌ कथन 2 – गलत: यद्यपि वामपंथी गुट मौजूद था, परन्तु इसने मंत्रिमंडल के कामकाज को असंभव नहीं बनाया; युद्ध की घोषणा तक मंत्रिमंडल प्रभावी ढंग से काम कर रहे थे।
❌ कथन 3 – गलत: इस्तीफे के समय इन प्रांतों में सांप्रदायिक दंगे व्यापक नहीं थे; एकमात्र कारण युद्ध घोषणा का मुद्दा था।
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