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प्रक्षेपण यान Previous Year Questions (PYQs)
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Solved Previous Year Questions
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भारत के उपग्रह प्रक्षेपण वाहनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- पीएसएलवी पृथ्वी संसाधनों की निगरानी के लिए उपयोगी उपग्रहों को लॉन्च करते हैं जबकि जीएसएलवी को मुख्य रूप से संचार उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- पीएसएलवी द्वारा प्रक्षेपित उपग्रह पृथ्वी पर किसी विशेष स्थान से देखने पर आकाश में उसी स्थिति में स्थायी रूप से स्थिर दिखाई देते हैं।
- जीएसएलवी एमके III एक चार चरणों वाला प्रक्षेपण यान है जिसमें पहले और तीसरे चरण में ठोस रॉकेट मोटर्स का उपयोग किया जाता है, और दूसरे और चौथे चरण में तरल रॉकेट इंजन का उपयोग किया जाता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1
यह प्रश्न PSLV और GSLV लॉन्च व्हीकल के उपयोग और उनकी विशेषताओं पर आधारित है।
✅ कथन 1 – सही: PSLV का उपयोग मुख्यतः पृथ्वी अवलोकन (Earth Observation) उपग्रहों को Polar/Sun-Synchronous Orbit में भेजने के लिए किया जाता है, जबकि GSLV का उपयोग संचार उपग्रहों को Geosynchronous Transfer Orbit (GTO) में स्थापित करने के लिए किया जाता है।
❌ कथन 2 – गलत: PSLV द्वारा छोड़े गए उपग्रह आकाश में एक ही स्थान पर स्थिर नहीं दिखाई देते। वे Polar/Sun-Synchronous Orbit में पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं। केवल Geostationary उपग्रह ही एक स्थान पर स्थिर दिखाई देते हैं।
❌ कथन 3 – गलत: GSLV Mk III (LVM3) चार-चरणीय नहीं, बल्कि तीन-चरणीय प्रक्षेपण यान है। इसमें दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन, एक लिक्विड स्टेज और एक क्रायोजेनिक अपर स्टेज होता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: PSLV एवं GSLV
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PSLV का उपयोग मुख्यतः Earth Observation और Sun-Synchronous Orbit (SSO) मिशनों के लिए किया जाता है।
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GSLV का उपयोग संचार उपग्रहों को Geosynchronous Transfer Orbit (GTO) में भेजने के लिए किया जाता है।
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LVM3 (पूर्व नाम GSLV Mk III) एक तीन-चरणीय भारी प्रक्षेपण यान है जिसमें क्रायोजेनिक इंजन लगा होता है।
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क्रायोजेनिक इंजन में Liquid Hydrogen (LH₂) और Liquid Oxygen (LOX) का उपयोग होता है।
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PSLV को ISRO का "वर्कहॉर्स लॉन्च व्हीकल" कहा जाता है क्योंकि इसकी सफलता दर बहुत अधिक है।
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LVM3 ने चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और OneWeb मिशनों का सफल प्रक्षेपण किया है।
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Geostationary उपग्रह पृथ्वी के सापेक्ष स्थिर दिखाई देते हैं, जबकि Polar उपग्रह लगातार पृथ्वी के ऊपर घूमते रहते हैं।
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