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अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय सम्मेलन एवं संगठन Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय सम्मेलन एवं संगठन
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निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 पर सतत विकास और जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक चर्चाओं में अक्सर चर्चा की जाती है।
कथन II: जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6 कार्बन बाजारों के सिद्धांतों को निर्धारित करता है।
कथन III: जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 का उद्देश्य अपने जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए अंतर-देशीय गैर-बाजार रणनीतियों को बढ़ावा देना है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1
पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6 (Article 6) देशों को जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सहयोग का ढांचा प्रदान करता है। इसमें कार्बन बाजार (Market Mechanisms) तथा गैर-बाजार (Non-Market) उपाय दोनों शामिल हैं, इसलिए यह जलवायु वार्ताओं में सबसे अधिक चर्चा वाले प्रावधानों में से एक है।
✅ कथन I सही है: अनुच्छेद 6 देशों को अपने जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सहयोग करने की व्यवस्था देता है, इसलिए इसकी व्यापक चर्चा होती है।
✅ कथन II सही है: अनुच्छेद 6 अंतरराष्ट्रीय कार्बन बाजारों और कार्बन क्रेडिट व्यापार के सिद्धांतों एवं नियमों का आधार प्रदान करता है।
✅ कथन III सही है: यह गैर-बाजार उपायों जैसे तकनीकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण और नीति सहयोग को भी बढ़ावा देता है।
✅ कथन II, कथन I की व्याख्या करता है: कार्बन बाजार अनुच्छेद 6 के सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित पहलुओं में से एक हैं।
✅ कथन III, कथन I की व्याख्या करता है: गैर-बाजार सहयोग तंत्र भी वैश्विक जलवायु और सतत विकास चर्चाओं का प्रमुख विषय हैं।
संक्षिप्त नोट्स: पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6
-
अनुच्छेद 6 अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर केंद्रित है।
-
यह देशों को कार्बन क्रेडिट व्यापार की अनुमति देता है।
-
Article 6.2 द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कार्बन व्यापार से संबंधित है।
-
Article 6.4 संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षित वैश्विक कार्बन बाजार तंत्र स्थापित करता है।
-
Article 6.8 गैर-बाजार उपायों को बढ़ावा देता है।
-
इसका उद्देश्य NDCs (Nationally Determined Contributions) को कम लागत पर प्राप्त करना है।
-
यह उत्सर्जन कटौती की Double Counting समस्या को रोकने में मदद करता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत में, जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ नागोया प्रोटोकॉल के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- जैव विविधता प्रबंधन समितियों के पास पहुँच और लाभ साझाकरण निर्धारित करने में महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिसमें अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर जैविक संसाधनों की पहुँच पर संग्रह शुल्क लगाने की शक्ति शामिल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के तहत भारत में जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) की भूमिका और शक्तियों का सही वर्णन करते हैं, जो स्थानीय स्तर पर नागोया प्रोटोकॉल के उद्देश्यों को लागू करता है।
✅ कथन 1 – सही: BMCs वास्तव में भारत में नागोया प्रोटोकॉल के उद्देश्यों को साकार करने के लिए प्रमुख संस्थागत तंत्र हैं, जो पहुँच और लाभ साझाकरण (ABS) प्रावधानों के स्थानीय स्तर के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करते हैं और जैव विविधता शासन में स्थानीय समुदायों को शामिल करते हैं।
✅ कथन 2 – सही: BMCs के पास अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर जैविक संसाधनों की पहुँच निर्धारित करने और ऐसी पहुँच पर संग्रह शुल्क लगाने की वैधानिक शक्तियाँ हैं, जैसा कि जैविक विविधता अधिनियम, 2002 और जैविक विविधता नियम, 2004 के तहत अनिवार्य है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ (BMCs) और नागोया प्रोटोकॉल
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| नागोया प्रोटोकॉल | आनुवंशिक संसाधनों से लाभों के निष्पक्ष और समान साझाकरण के लिए CBD के तहत अंतर्राष्ट्रीय समझौता (2010); भारत एक हस्ताक्षरकर्ता है |
| BMCs - कानूनी आधार | जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 41 के तहत स्थानीय निकाय स्तर (पंचायत/नगरपालिका) पर गठित |
| BMCs - संरचना | अध्यक्ष और स्थानीय निकाय द्वारा नामित 6 सदस्य, संरक्षण और सतत उपयोग में विशेषज्ञता के साथ |
| प्रमुख कार्य | • स्थानीय जैव विविधता का दस्तावेजीकरण (लोगों की जैव विविधता रजिस्टर) • जैविक संसाधनों की पहुँच का नियमन • संग्रह शुल्क लगाना • संरक्षण और सतत उपयोग को बढ़ावा देना |
| ABS तंत्र | तीन-स्तरीय संरचना: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) → राज्य जैव विविधता बोर्ड (SBBs) → जमीनी स्तर पर BMCs |
| BMCs की शक्तियाँ | विनाशकारी प्रथाओं को प्रतिबंधित करना, शुल्क लगाना, लाभ-साझाकरण व्यवस्था की सिफारिश करना, जैव विविधता रजिस्टर बनाए रखना |
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
आर्द्रभूमि/झील - स्थान
- होकेरा आर्द्रभूमि - पंजाब
- रेणुका आर्द्रभूमि - हिमाचल प्रदेश
- रुद्रसागर झील - त्रिपुरा
- शास्थमकोट्टा झील - तमिलनाडु
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल दो युग्म
यह प्रश्न भारत में महत्वपूर्ण रामसर आर्द्रभूमियों की भौगोलिक स्थिति की जांच करता है। दिए गए चार युग्मों में से केवल दो युग्म सही सुमेलित हैं: रेणुका आर्द्रभूमि हिमाचल प्रदेश के साथ और रुद्रसागर झील त्रिपुरा के साथ।
✅ युग्म 1 – गलत: होकेरा आर्द्रभूमि जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर के पास) में स्थित है, पंजाब में नहीं। यह झेलम बेसिन से सटी एक प्राकृतिक बारहमासी आर्द्रभूमि है।
✅ युग्म 2 – सही: रेणुका आर्द्रभूमि वास्तव में हिमाचल प्रदेश (सिरमौर जिला) में स्थित है। यह मीठे पानी के झरनों और अंतर्देशीय भूमिगत कार्स्ट संरचनाओं वाली एक प्राकृतिक आर्द्रभूमि है।
✅ युग्म 3 – सही: रुद्रसागर झील त्रिपुरा के साथ सही सुमेलित है। यह उत्तर-पूर्व की पहाड़ियों में एक निम्न भूमि अवसादन जलाशय है, जो गोमती नदी में गिरने वाली तीन बारहमासी धाराओं द्वारा पोषित है।
✅ युग्म 4 – गलत: शास्थमकोट्टा झील केरल (कोल्लम जिला) में स्थित है, तमिलनाडु में नहीं। यह केरल की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत की महत्वपूर्ण रामसर आर्द्रभूमियाँ
| आर्द्रभूमि/झील | राज्य | प्रमुख विशेषताएं |
|---|---|---|
| होकेरा आर्द्रभूमि | जम्मू और कश्मीर | प्राकृतिक बारहमासी आर्द्रभूमि, झेलम बेसिन से सटी |
| रेणुका आर्द्रभूमि | हिमाचल प्रदेश | मीठे पानी के झरनों वाली प्राकृतिक आर्द्रभूमि, सिरमौर जिला |
| रुद्रसागर झील | त्रिपुरा | निम्न भूमि अवसादन जलाशय, गोमती नदी में गिरती है |
| शास्थमकोट्टा झील | केरल | केरल की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील, कोल्लम जिला |
| हरिके आर्द्रभूमि | पंजाब | ब्यास और सतलुज नदियों का संगम |
| लोकटक झील | मणिपुर | फुमदिस (तैरते द्वीप) के लिए प्रसिद्ध |
| चिल्का झील | ओडिशा | एशिया का सबसे बड़ा खारे पानी का लैगून |
| केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | राजस्थान | महत्वपूर्ण पक्षी अभयारण्य, भरतपुर |
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत, भारत सरकार के लिए भारत के क्षेत्र में सभी आर्द्रभूमियों की रक्षा और संरक्षण करना अनिवार्य है।
- आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2010 को भारत सरकार द्वारा रामसर कन्वेंशन की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया था।
- आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2010 में प्राधिकरण द्वारा निर्धारित आर्द्रभूमि के जल निकासी क्षेत्र या जलग्रहण क्षेत्र भी शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 3
केवल कथन 3 सही है। रामसर कन्वेंशन किसी देश के क्षेत्र में सभी आर्द्रभूमियों की सुरक्षा को अनिवार्य नहीं करता, केवल रामसर स्थलों के रूप में नामित आर्द्रभूमियों की। 2010 के नियम पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत तैयार किए गए थे, न कि रामसर की सिफारिशों के आधार पर। हालांकि, 2010 के नियमों में आर्द्रभूमि की परिभाषा में जल निकासी क्षेत्र और जलग्रहण क्षेत्र शामिल हैं।
❌ कथन 1 – गलत: रामसर कन्वेंशन अनुबंधित पक्षों से अंतर्राष्ट्रीय महत्व के लिए उपयुक्त आर्द्रभूमि को नामित करने और उनके बुद्धिमानीपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने की अपेक्षा करता है, लेकिन संपूर्ण क्षेत्र में सभी आर्द्रभूमियों की सुरक्षा को अनिवार्य नहीं करता।
❌ कथन 2 – गलत: आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2010 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत तैयार किए गए थे, न कि रामसर कन्वेंशन की विशिष्ट सिफारिशों के आधार पर।
✅ कथन 3 – सही: 2010 के नियम स्पष्ट रूप से आर्द्रभूमि की परिभाषा में प्राधिकरण द्वारा निर्धारित आर्द्रभूमि के जल निकासी क्षेत्र या जलग्रहण क्षेत्रों को शामिल करते हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत में आर्द्रभूमि संरक्षण ढांचा
- रामसर कन्वेंशन (1971): आर्द्रभूमियों के संरक्षण और बुद्धिमानीपूर्ण उपयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि; भारत 1982 से हस्ताक्षरकर्ता है।
- भारत में रामसर स्थल: देश अंतर्राष्ट्रीय महत्व की विशिष्ट आर्द्रभूमि को नामित करते हैं; सभी आर्द्रभूमियाँ शामिल नहीं हैं।
- आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2010: पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत तैयार किए गए; आर्द्रभूमि की परिभाषा में जलग्रहण क्षेत्रों को शामिल किया।
- आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017: 2010 के नियमों को प्रतिस्थापित किया; नियामक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और आर्द्रभूमि संरक्षण को मजबूत किया।
- आर्द्रभूमि की परिभाषा: दलदल, फेन, पीटलैंड या पानी के क्षेत्र (प्राकृतिक या कृत्रिम, स्थायी या अस्थायी) जिसमें स्थिर या प्रवाहित, मीठा, खारा या नमकीन पानी हो, समुद्री जल के क्षेत्रों सहित।
- बुद्धिमानीपूर्ण उपयोग की अवधारणा: संरक्षण लक्ष्यों के अनुकूल सतत उपयोग के माध्यम से आर्द्रभूमि की पारिस्थितिक विशेषता का रखरखाव।
हरित अर्थव्यवस्था पर कार्रवाई के लिए साझेदारी (PAGE), देशों को हरित और अधिक समावेशी अर्थव्यवस्थाओं की ओर संक्रमण में सहायता करने के लिए एक UN तंत्र, कहाँ उभरा?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन 2012, रियो डी जनेरियो
हरित अर्थव्यवस्था पर कार्रवाई के लिए साझेदारी (PAGE) की स्थापना सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCSD) 2012, जिसे Rio+20 के नाम से भी जाना जाता है, के जवाब में की गई थी, जो रियो डी जनेरियो, ब्राजील में आयोजित हुआ था। इस सम्मेलन ने सतत विकास के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता की पुष्टि की और हरित अर्थव्यवस्थाओं की ओर संक्रमण पर जोर दिया जो पर्यावरणीय स्थिरता, सामाजिक समावेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा देती हैं। PAGE को UNEP, ILO, UNDP, UNIDO और UNITAR को शामिल करते हुए एक UN सहयोगी पहल के रूप में लॉन्च किया गया था ताकि देशों को सतत और समावेशी आर्थिक विकास के लिए नीतियों और रणनीतियों को विकसित करने में सहायता मिल सके।
📝 संक्षिप्त नोट्स: सतत विकास पर प्रमुख UN सम्मेलन
| सम्मेलन | वर्ष और स्थान | प्रमुख परिणाम |
|---|---|---|
| पृथ्वी शिखर सम्मेलन (UNCED) | 1992, रियो डी जनेरियो | एजेंडा 21, रियो घोषणा, UNFCCC, CBD, वन सिद्धांत |
| सतत विकास पर विश्व शिखर सम्मेलन | 2002, जोहान्सबर्ग | जोहान्सबर्ग कार्यान्वयन योजना, गरीबी-पर्यावरण संबंधों पर ध्यान |
| Rio+20 (UNCSD) | 2012, रियो डी जनेरियो | PAGE की शुरुआत, सतत विकास लक्ष्य (SDG) प्रक्रिया की शुरुआत, हरित अर्थव्यवस्था ढांचा |
| UN जलवायु परिवर्तन सम्मेलन | 2015, पेरिस | जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता |
- PAGE साझेदार एजेंसियां: UNEP (प्रमुख), ILO, UNDP, UNIDO, UNITAR
- PAGE उद्देश्य: देशों को स्थिरता के आसपास आर्थिक नीतियों और प्रथाओं को पुनर्गठित करने में सहायता करना
- फोकस क्षेत्र: हरित औद्योगिक नीति, सतत उपभोग और उत्पादन, हरित राजकोषीय सुधार, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं, और समावेशी विकास
वन्यजीवों और वनस्पतियों के वाणिज्य में व्यापार-संबंधित विश्लेषण (TRAFFIC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- TRAFFIC संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के अंतर्गत एक ब्यूरो है।
- TRAFFIC का मिशन यह सुनिश्चित करना है कि जंगली पौधों और जानवरों में व्यापार प्रकृति के संरक्षण के लिए खतरा न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
TRAFFIC, WWF (विश्व वन्यजीव कोष) और IUCN (प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ) की एक संयुक्त पहल है, न कि UNEP के अंतर्गत एक ब्यूरो। इसका मिशन यह सुनिश्चित करना है कि जंगली पौधों और जानवरों में व्यापार प्रकृति के संरक्षण के लिए खतरा न हो।
❌ कथन 1 – गलत: TRAFFIC, UNEP के अंतर्गत एक ब्यूरो नहीं है; यह 1976 में स्थापित WWF और IUCN का एक संयुक्त कार्यक्रम है।
✅ कथन 2 – सही: TRAFFIC का मिशन वास्तव में यह सुनिश्चित करना है कि जंगली पौधों और जानवरों में व्यापार प्रकृति के संरक्षण के लिए खतरा न हो और यह सतत एवं कानूनी वन्यजीव व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता है।
'ग्लोबल क्लाइमेट चेंज एलायंस' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह यूरोपीय संघ की एक पहल है।
- यह लक्षित विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन को उनकी विकास नीतियों और बजट में एकीकृत करने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- यह वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) और वर्ल्ड बिजनेस काउंसिल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (WBCSD) द्वारा समन्वित है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1 और 2
ग्लोबल क्लाइमेट चेंज एलायंस (GCCA) यूरोपीय संघ की एक प्रमुख पहल है जिसे 2007 में विकासशील देशों, विशेष रूप से अल्प विकसित देशों (LDCs) और लघु द्वीपीय विकासशील राज्यों (SIDS) को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान करने में सहायता के लिए शुरू किया गया था। यह राष्ट्रीय विकास नीतियों और बजट में जलवायु अनुकूलन और शमन रणनीतियों को एकीकृत करने में मदद के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
✅ कथन 1 – सही: GCCA वास्तव में यूरोपीय संघ की एक पहल है, जो जलवायु परिवर्तन पर विकासशील देशों के साथ संवाद और सहयोग को मजबूत करने के लिए स्थापित की गई है।
✅ कथन 2 – सही: GCCA का एक प्राथमिक उद्देश्य लक्षित विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन को उनकी विकास नीतियों और बजट में एकीकृत करने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
❌ कथन 3 – गलत: GCCA यूरोपीय आयोग द्वारा समन्वित है, न कि वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) या वर्ल्ड बिजनेस काउंसिल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (WBCSD) द्वारा।
'मरुस्थलीकरण का मुकाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' का/के क्या महत्व है/हैं?
- इसका उद्देश्य नवीन राष्ट्रीय कार्यक्रमों और सहायक अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई को बढ़ावा देना है।
- इसका विशेष/विशिष्ट ध्यान दक्षिण एशिया और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्रों पर है, और इसका सचिवालय इन क्षेत्रों को वित्तीय संसाधनों के प्रमुख हिस्से के आवंटन की सुविधा प्रदान करता है।
- यह निचले स्तर से ऊपर की ओर जाने वाले दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध है, जो मरुस्थलीकरण से निपटने में स्थानीय लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 3
✅ कथन 1 – सही: UNCCD नवीन राष्ट्रीय कार्यक्रमों और सहायक अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई को बढ़ावा देता है, जो देशों को मरुस्थलीकरण से निपटने और सूखे के प्रभावों को कम करने के लिए सहयोग करने का ढांचा प्रदान करता है।
❌ कथन 2 – गलत: सम्मेलन का विशेष ध्यान अफ्रीका पर है, न कि दक्षिण एशिया और उत्तरी अफ्रीका पर। इसका पूरा नाम है 'गंभीर सूखे और/या मरुस्थलीकरण का सामना कर रहे देशों में मरुस्थलीकरण का मुकाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, विशेष रूप से अफ्रीका में'। इसके अलावा, सचिवालय वित्तीय संसाधनों के प्रमुख हिस्से का आवंटन नहीं करता—वित्तीय संसाधन जुटाना मुख्य रूप से वैश्विक तंत्र और वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) द्वारा संभाला जाता है।
✅ कथन 3 – सही: UNCCD पर्यावरणीय सम्मेलनों में अपने निचले स्तर से ऊपर की ओर जाने वाले दृष्टिकोण की प्रतिबद्धता के लिए अद्वितीय है, जो भूमि क्षरण से निपटने के लिए कार्यक्रमों के डिजाइन और कार्यान्वयन में स्थानीय समुदायों, भूमि उपयोगकर्ताओं और गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी पर जोर देता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत 2015 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में की गई थी।
- इस गठबंधन में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1
✅ कथन 1 – सही: अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की शुरुआत भारत और फ्रांस द्वारा 30 नवंबर 2015 को पेरिस में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP 21) के दौरान की गई थी। गठबंधन का उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना है, विशेष रूप से विकासशील देशों में।
❌ कथन 2 – गलत: प्रारंभ में, ISA की सदस्यता कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच स्थित 121 देशों तक सीमित थी। हालांकि, 2018 में इसके फ्रेमवर्क समझौते में संशोधन के माध्यम से गठबंधन को सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों के लिए विस्तारित किया गया। इस विस्तार के बावजूद, सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश ISA में शामिल नहीं हुए हैं; सदस्यता स्वैच्छिक है और देशों को सदस्य बनने के लिए फ्रेमवर्क समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर और अनुसमर्थन करना होता है।
'एजेंडा 21' के संदर्भ में, जो कभी-कभी समाचारों में देखा जाता है, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह सतत विकास के लिए एक वैश्विक कार्य योजना है।
- यह 2002 में जोहान्सबर्ग में आयोजित सतत विकास पर विश्व शिखर सम्मेलन में उत्पन्न हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1
✅ कथन 1 – सही: एजेंडा 21 सतत विकास के लिए एक व्यापक वैश्विक कार्य योजना है जिसे 1992 में रियो डी जेनेरो में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण और विकास सम्मेलन (पृथ्वी शिखर सम्मेलन) में अपनाया गया था। यह 40 अध्यायों में सतत विकास के पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक आयामों को संबोधित करता है जिसमें गरीबी, उपभोग पैटर्न, वायुमंडलीय संरक्षण, वनों की कटाई, मरुस्थलीकरण, महासागर, जैव विविधता और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल हैं।
❌ कथन 2 – गलत: एजेंडा 21 की उत्पत्ति 1992 में रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन में हुई थी, न कि 2002 में जोहान्सबर्ग में आयोजित सतत विकास पर विश्व शिखर सम्मेलन में। जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन (रियो+10) ने एजेंडा 21 के कार्यान्वयन पर प्रगति की समीक्षा की और जोहान्सबर्ग कार्यान्वयन योजना तैयार की, जिसने मूल प्रतिबद्धताओं की पुष्टि की और उन पर आगे बढ़ाया।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| समाचारों में कभी-कभी दिखने वाले शब्द | उनका मूल स्रोत |
|---|---|
| 1. अनुबंध-I देश | कार्टाजेना प्रोटोकॉल |
| 2. प्रमाणित उत्सर्जन कमी | नागोया प्रोटोकॉल |
| 3. स्वच्छ विकास तंत्र | क्योटो प्रोटोकॉल |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 3
❌ युग्म 1 – गलत: अनुबंध-I देशों को संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) और क्योटो प्रोटोकॉल के तहत सूचीबद्ध किया गया है, कार्टाजेना प्रोटोकॉल के तहत नहीं। कार्टाजेना प्रोटोकॉल जैव सुरक्षा और जीवित रूपांतरित जीवों की सुरक्षित संभालन से संबंधित है।
❌ युग्म 2 – गलत: प्रमाणित उत्सर्जन कमी (CERs) क्योटो प्रोटोकॉल के स्वच्छ विकास तंत्र के तहत जारी कार्बन क्रेडिट हैं, नागोया प्रोटोकॉल के तहत नहीं। नागोया प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों तक पहुंच और लाभ-साझाकरण से संबंधित है।
✅ युग्म 3 – सही: स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) वास्तव में क्योटो प्रोटोकॉल के तहत स्थापित एक तंत्र है। यह विकसित देशों को विकासशील देशों में उत्सर्जन कमी परियोजनाओं में निवेश करने और अपनी उत्सर्जन कमी प्रतिबद्धताओं के विरुद्ध ऑफसेट के रूप में CERs अर्जित करने की अनुमति देता है।
'बर्डलाइफ इंटरनेशनल' नामक संगठन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह संरक्षण संगठनों की एक वैश्विक साझेदारी है।
- 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' की अवधारणा इसी संगठन से उत्पन्न हुई थी।
- यह 'महत्वपूर्ण पक्षी और जैव विविधता क्षेत्र' के रूप में जानी जाने वाली साइटों की पहचान करता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: बर्डलाइफ इंटरनेशनल पक्षियों, उनके आवासों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए कार्यरत 100 से अधिक संरक्षण गैर-सरकारी संगठनों की एक वैश्विक साझेदारी है।
❌ कथन 2 – गलत: जैव विविधता हॉटस्पॉट की अवधारणा ब्रिटिश पारिस्थितिकीविद् नॉर्मन मायर्स (1988) द्वारा उत्पन्न की गई थी, जिसे बाद में कंजर्वेशन इंटरनेशनल ने बढ़ावा दिया, न कि बर्डलाइफ इंटरनेशनल ने।
✅ कथन 3 – सही: बर्डलाइफ इंटरनेशनल पक्षी संरक्षण और व्यापक जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण स्थलों के वैश्विक नेटवर्क महत्वपूर्ण पक्षी और जैव विविधता क्षेत्रों (IBAs) की पहचान और निगरानी करता है।
'वन कार्बन भागीदारी सुविधा' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह सरकारों, व्यवसायों, नागरिक समाज और स्वदेशी लोगों की एक वैश्विक भागीदारी है।
- यह विश्वविद्यालयों, व्यक्तिगत वैज्ञानिकों और वैज्ञानिक वानिकी अनुसंधान में लगी संस्थाओं को पर्यावरण के अनुकूल और जलवायु अनुकूलन प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि स्थायी वन प्रबंधन हो सके।
- यह देशों को उनके 'REDD+ (वनों की कटाई और वन क्षरण से उत्सर्जन में कमी+)' प्रयासों में वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करके सहायता करती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: वन कार्बन भागीदारी सुविधा (FCPF) एक वैश्विक भागीदारी है जिसमें सरकारें, व्यवसाय, नागरिक समाज, और स्वदेशी लोग शामिल हैं जो वनों की कटाई और वन क्षरण से उत्सर्जन को कम करने के लिए कार्य करते हैं।
❌ कथन 2 – गलत: FCPF विश्वविद्यालयों या व्यक्तिगत वैज्ञानिकों को अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान नहीं करती; यह देश-स्तरीय REDD+ तैयारी और कार्यान्वयन समर्थन पर केंद्रित है।
✅ कथन 3 – सही: FCPF विकासशील देशों को REDD+ प्रयासों में वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करके क्षमता निर्माण और कार्यान्वयन में सहायता करती है।
'बायोकार्बन फंड इनिशिएटिव फॉर सस्टेनेबल फॉरेस्ट लैंडस्केप्स' का प्रबंधन किसके द्वारा किया जाता है -
Detailed Explanation:
बायोकार्बन फंड इनिशिएटिव फॉर सस्टेनेबल फॉरेस्ट लैंडस्केप्स (ISFL) का प्रबंधन विश्व बैंक द्वारा किया जाता है।
विश्व बैंक की कार्बन फाइनेंस यूनिट स्थायी ट्रस्टी के रूप में कार्य करती है और बायोकार्बन फंड के दैनिक संचालन को संभालती है, जिसमें वनों की कटाई और वन क्षरण से उत्सर्जन को कम करने (REDD+) पर केंद्रित ISFL कार्यक्रम शामिल है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) और वन्य जीव-जंतुओं एवं वनस्पतियों की संकटापन्न प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय (CITES) के संदर्भ में,
निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- IUCN संयुक्त राष्ट्र का एक अंग है और CITES सरकारों के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है
- IUCN प्राकृतिक पर्यावरण के बेहतर प्रबंधन के लिए दुनिया भर में हजारों फील्ड परियोजनाएं चलाता है।
- CITES उन राज्यों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी है जो इसमें शामिल हुए हैं, लेकिन यह अभिसमय राष्ट्रीय कानूनों का स्थान नहीं लेता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: IUCN एक स्वतंत्र सदस्यता संगठन है, संयुक्त राष्ट्र का अंग नहीं। इसमें सरकारें, NGO और वैज्ञानिक संस्थान सदस्य हैं।
✅ कथन 2 – सही: IUCN प्राकृतिक पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण के बेहतर प्रबंधन के लिए विश्वभर में हजारों फील्ड परियोजनाएं चलाता है।
✅ कथन 3 – सही: CITES उन राज्यों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी है जिन्होंने इसे अनुसमर्थित किया है, लेकिन यह राष्ट्रीय कानूनों का स्थान नहीं लेता – प्रत्येक देश इसे घरेलू कानून के माध्यम से लागू करता है।
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