भारत सरकार अधिनियम 1935 द्वारा स्थापित संघ में, अवशिष्ट शक्तियाँ किसे दी गई थीं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — गवर्नर जनरल
भारत सरकार अधिनियम 1935 के तहत, अवशिष्ट शक्तियाँ (जो संघीय, प्रांतीय या समवर्ती सूची में शामिल नहीं थीं) गवर्नर जनरल में निहित थीं। उन्हें यह निर्णय लेने का अधिकार था कि ऐसे विषयों पर कौन सा विधानमंडल शक्ति का प्रयोग करेगा। यह 1935 अधिनियम की एक महत्वपूर्ण विशेषता थी जो वर्तमान संविधान से भिन्न थी, जहाँ अनुच्छेद 248 के तहत अवशिष्ट शक्तियाँ संघ की संसद में निहित हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत सरकार अधिनियम, 1935 - विधायी शक्तियाँ
| विशेषता | भारत सरकार अधिनियम, 1935 | भारत का संविधान (1950) |
|---|---|---|
| विधायी सूचियाँ | तीन सूचियाँ: संघीय, प्रांतीय, समवर्ती | तीन सूचियाँ: संघ, राज्य, समवर्ती |
| अवशिष्ट शक्तियाँ | गवर्नर जनरल में निहित | संघ की संसद में निहित (अनुच्छेद 248) |
| संघीय सूची | 59 विषय (केंद्र) | संघ सूची: प्रारंभ में 97 विषय |
| प्रांतीय सूची | 54 विषय (प्रांत) | राज्य सूची: प्रारंभ में 66 विषय |
| समवर्ती सूची | 36 विषय (दोनों) | समवर्ती सूची: प्रारंभ में 47 विषय |
| संघ की प्रकृति | संघीय प्रणाली प्रस्तावित (पूर्णतः लागू नहीं हुई) | सशक्त केंद्र के साथ अर्ध-संघीय |
Question 5 of 9 भारत शासन अधिनियम
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