भारत के कुछ तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध इल्मेनाइट और रुटाइल, निम्नलिखित में से किसके समृद्ध स्रोत हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — टाइटेनियम
इल्मेनाइट (FeTiO₃) और रुटाइल (TiO₂) टाइटेनियम युक्त खनिज हैं जो भारत के तटीय समुद्री रेत निक्षेपों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये खनिज टाइटेनियम के समृद्ध स्रोत हैं और इन्हें टाइटेनियम डाइऑक्साइड निकालने के लिए संसाधित किया जाता है, जिसे आगे परिष्कृत करके धात्विक टाइटेनियम का उत्पादन किया जाता है जिसका उपयोग एयरोस्पेस, चिकित्सा और औद्योगिक अनुप्रयोगों में होता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत के समुद्री रेत खनिज
- भारी खनिज: भारत में समुद्री रेत में सात प्रमुख भारी खनिज होते हैं—इल्मेनाइट, ल्यूकोक्सीन, रुटाइल, जिरकॉन, सिलिमेनाइट, गार्नेट और मोनाजाइट।
- टाइटेनियम खनिज: इल्मेनाइट (FeTiO₃) और रुटाइल (TiO₂) टाइटेनियम के प्राथमिक स्रोत हैं; ल्यूकोक्सीन उच्च TiO₂ सामग्री वाला इल्मेनाइट का परिवर्तित रूप है।
- प्रमुख तटीय निक्षेप: केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों पर पाए जाते हैं, विशेष रूप से चावरा, मानावलकुरिची और छत्रपुर जैसे क्षेत्रों में।
- टाइटेनियम के उपयोग: उच्च शक्ति-से-भार अनुपात और संक्षारण प्रतिरोध के लिए जाना जाता है; एयरोस्पेस घटकों, चिकित्सा प्रत्यारोपण, वर्णक (TiO₂), और रक्षा अनुप्रयोगों में उपयोग किया जाता है।
- अन्य आर्थिक खनिज: जिरकॉन (जिरकोनियम स्रोत), मोनाजाइट (थोरियम और दुर्लभ मृदा), गार्नेट (अपघर्षक), और सिलिमेनाइट (अपवर्तक)।
- निष्कर्षण विधि: समुद्री रेत खनन में ड्रेजिंग शामिल है, जिसके बाद भारी खनिजों को केंद्रित करने के लिए गुरुत्वाकर्षण और चुंबकीय पृथक्करण किया जाता है।
Question 2 of 3 खनिज संसाधन
Practice PYQ questions from this topic across all years
निम्नलिखित जोड़ियों पर विचार करें: देश - संसाधन संपन्न I. बोत्सवाना: हीरा II. चिली...
विश्व के लगभग तीन-चौथाई कोबाल्ट, जो इलेक्ट्रिक मोटर वाहनों के लिए बैटरी के निर्माण हे...