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संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद के कार्यभार संभालने से पहले संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 4 (डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा)
भारत की संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। उस समय स्थायी अध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ था, इसलिए डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष (Provisional President) बनाया गया। बाद में 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
✅ डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा सही हैं: वे संविधान सभा के प्रथम एवं अस्थायी अध्यक्ष थे।
❌ सी. राजगोपालाचारी: वे भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल थे, संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष नहीं।
❌ डॉ. बी.आर. आंबेडकर: वे प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष थे।
❌ टी.टी. कृष्णमाचारी: वे संविधान सभा के सदस्य थे, लेकिन अस्थायी अध्यक्ष नहीं थे।
संक्षिप्त नोट्स: भारतीय संविधान सभा
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संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।
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डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा इसके अस्थायी अध्यक्ष थे।
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद 11 दिसंबर 1946 को स्थायी अध्यक्ष बने।
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डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
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प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ।
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संविधान को 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया।
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संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
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संविधान निर्माण में लगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे।
भारतीय संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का वितरण निम्नलिखित में प्रदान की गई योजना पर आधारित है -
Detailed Explanation:
भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने शक्तियों का त्रि-स्तरीय विभाजन - संघीय सूची, प्रांतीय सूची और समवर्ती सूची में किया, जिसने भारतीय संविधान (सातवीं अनुसूची) में वर्तमान संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची को प्रेरित किया।
केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण के साथ यह संघीय ढांचा 1935 अधिनियम से उधार ली गई एक नवीन विशेषता थी, जिसने इसे भारत के संघीय शासन ढांचे का खाका बनाया।
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