कुछ कारणों से यदि तितलियों की प्रजातियों की जनसंख्या में भारी गिरावट आती है, तो इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं?
- कुछ पौधों का परागण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकता है।
- कुछ खेती वाले पौधों के कवक संक्रमण में भारी वृद्धि हो सकती है।
- इससे ततैया, मकड़ियों और पक्षियों की कुछ प्रजातियों की जनसंख्या में गिरावट हो सकती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 3
तितलियाँ परागणकों के रूप में और खाद्य जाल में शिकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। तितलियों की जनसंख्या में उल्लेखनीय गिरावट कई फूल वाले पौधों के परागण को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगी और ततैया, मकड़ियों और कीटभक्षी पक्षियों जैसे उनके शिकारियों के लिए भोजन की उपलब्धता को कम करेगी, जिससे व्यापक पारिस्थितिक प्रभाव उत्पन्न होंगे।
✅ कथन 1 – सही: तितलियाँ अनेक फूल वाले पौधों के लिए महत्वपूर्ण परागणक हैं, और उनकी जनसंख्या में गिरावट परागण की सफलता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगी, जिससे फल और बीज उत्पादन प्रभावित होगा।
❌ कथन 2 – गलत: तितलियों की जनसंख्या में गिरावट का सीधा संबंध खेती वाले पौधों में कवक संक्रमण की वृद्धि से नहीं है; कवक रोग मुख्य रूप से आर्द्रता, तापमान और पौधों के स्वास्थ्य जैसे पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होते हैं न कि तितलियों की जनसंख्या से।
✅ कथन 3 – सही: तितलियाँ ततैया, मकड़ियों और कीटभक्षी पक्षियों सहित विभिन्न शिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण खाद्य स्रोत के रूप में कार्य करती हैं; उनकी गिरावट खाद्य श्रृंखला को बाधित करेगी और इन शिकारी जनसंख्याओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगी।
Question 3 of 6 पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना एवं कार्य
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