भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी संस्थाओं की भागीदारी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) निजी संस्थाओं की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए बनाई गई एक स्वायत्त एजेंसी है।
- अग्निकुल कॉसमॉस ने 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन का उपयोग करके दुनिया की पहली उड़ान लॉन्च की।
- स्काईरूट एयरोस्पेस ने जीएसएलवी के लिए तरल ईंधन विकसित किया है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 — सही।IN-SPACe को 2020 में अंतरिक्ष विभाग (DOS) के अंतर्गत एक स्वायत्त, एकल-खिड़की नोडल एजेंसी के रूप में स्थापित किया गया था। यह ISRO और निजी क्षेत्र के बीच सेतु का कार्य करती है।
कथन 2 — सही। मई 2024 में चेन्नई स्थित स्टार्टअप Agnikul Cosmos ने श्रीहरिकोटा में अपने निजी लॉन्चपैड से Agnibaan SOrTeD सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया — यह विश्व की पहली उड़ान थी जो एकल-टुकड़े, पूर्णतः 3D-मुद्रित रॉकेट इंजन (Agnilet — अर्ध-क्रायोजेनिक) द्वारा संचालित थी।
कथन 3 — गलत। Skyroot Aerospace अपने स्वतंत्र प्रक्षेपण यान (Vikram श्रृंखला) विकसित करती है। यह GSLV के लिए ईंधन या इंजन नहीं बनाती। GSLV के तरल और क्रायोजेनिक चरण पूरी तरह ISRO के Liquid Propulsion Systems Centre (LPSC) द्वारा विकसित किए जाते हैं।
मुख्य ट्रिक: कथन 3 दो अलग निजी कंपनियों को मिलाता है — Agnikul (3D इंजन) और Skyroot (Vikram रॉकेट) — और गलत तरीके से Skyroot को GSLV से जोड़ता है।
Question 1 of 3 इसरो एवं भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
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