भारत के संविधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- भारत के संविधान में ऐसा कोई अनुच्छेद नहीं है जो यह निर्दिष्ट करता हो कि भारत के संविधान को आधिकारिक तौर पर 'भारत का संविधान' कहा जाएगा।
- भारत के संविधान में ऐसा कोई अनुच्छेद नहीं है जो यह निर्दिष्ट करता हो कि भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत सरकार अधिनियम, 1935 निरस्त किये जाते हैं।
- भारत के संविधान में ऐसा कोई अनुच्छेद नहीं है जिसमें भारत के संविधान के प्रारंभ की तारीख के रूप में 26 जनवरी, 1950 का उल्लेख हो।
उपरोक्त कथनों के आधार पर निम्नलिखित में से कौन सा निष्कर्ष सही है?
Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। अनुच्छेद 393 स्पष्ट रूप से संविधान का संक्षिप्त शीर्षक देता है: "इस संविधान को भारत का संविधान कहा जाएगा।"
कथन 2 — गलत। अनुच्छेद 395 स्पष्ट रूप से औपनिवेशिक कानूनों को निरस्त करता है — विशेष रूप से भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत सरकार अधिनियम, 1935 (प्रिवी काउंसिल क्षेत्राधिकार उन्मूलन अधिनियम, 1949 को छोड़कर)।
कथन 3 — गलत। अनुच्छेद 394 स्पष्ट रूप से 26 जनवरी, 1950 को प्रारंभ तिथि के रूप में उल्लेख करता है।
तीनों कथन तथ्यात्मक रूप से गलत हैं — प्रत्येक का दावा है कि कोई अनुच्छेद मौजूद नहीं है, जबकि अनुच्छेद 393, 394 और 395 प्रत्येक दावे को सीधे संबोधित करते हैं।
Question 1 of 1 संविधान का लागू होना
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