राज्य की नीति के निदेशक तत्वों (DPSP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- ये तत्व देश में सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र को स्पष्ट करते हैं
- इन तत्वों में निहित प्रावधान किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं।
नीचे दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: DPSP (भाग IV, अनुच्छेद 36-51) सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र की रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं, जिसमें सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय और राजनीतिक न्याय शामिल हैं जिन्हें राज्य को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
✅ कथन 2 – सही: अनुच्छेद 37 स्पष्ट रूप से कहता है कि DPSP किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं (गैर-न्यायसंगत), हालांकि ये शासन में मौलिक बने रहते हैं और कानून-निर्माण तथा नीति-निर्धारण का मार्गदर्शन करते हैं।
Question 3 of 7 राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों (DPSP) की प्रकृति और विशेषताएँ
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