निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भूकम्पलेखी में, P तरंगें S तरंगों की तुलना में पहले रिकॉर्ड की जाती हैं।
- P तरंगों में, व्यक्तिगत कण तरंग संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं जबकि S तरंगों में, कण तरंग संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 1 और 2 दोनों
भूकंपीय तरंगों के संबंध में दोनों कथन सही हैं। P तरंगें (प्राथमिक तरंगें) S तरंगों (द्वितीयक तरंगों) की तुलना में तेज गति से यात्रा करती हैं और इसलिए भूकम्पलेखी द्वारा पहले रिकॉर्ड की जाती हैं। दोनों तरंग प्रकार अपनी कण गति विशेषताओं में भी मूल रूप से भिन्न हैं।
✅ कथन 1 – सही: P तरंगें वास्तव में भूकम्पलेखी पर S तरंगों की तुलना में पहले रिकॉर्ड की जाती हैं क्योंकि ये सबसे तेज भूकंपीय तरंगें हैं, जो पृथ्वी की भूपर्पटी में 5-8 किमी/सेकंड की गति से यात्रा करती हैं जबकि S तरंगें 3-4.5 किमी/सेकंड की गति से यात्रा करती हैं।
✅ कथन 2 – सही: P तरंगें संपीड़न/अनुदैर्ध्य तरंगें हैं जहाँ कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं (आगे-पीछे गति), जबकि S तरंगें अपरूपण/अनुप्रस्थ तरंगें हैं जहाँ कण तरंग संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं (ऊपर-नीचे या बाएं-दाएं गति)।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भूकंपीय तरंगें
| विशेषता | P तरंगें (प्राथमिक) | S तरंगें (द्वितीयक) |
|---|---|---|
| गति | सबसे तेज (भूपर्पटी में 5-8 किमी/सेकंड) | धीमी (भूपर्पटी में 3-4.5 किमी/सेकंड) |
| आगमन समय | सबसे पहले पहुँचती हैं | दूसरी पहुँचती हैं |
| तरंग प्रकार | अनुदैर्ध्य/संपीड़न | अनुप्रस्थ/अपरूपण |
| कण गति | तरंग दिशा के समानांतर (धक्का-खिंचाव) | तरंग दिशा के लंबवत (ऊपर-नीचे/बाएं-दाएं) |
| माध्यम | ठोस, तरल और गैसों में यात्रा करती हैं | केवल ठोस में यात्रा करती हैं |
| विनाशकारी शक्ति | कम विनाशकारी | अधिक विनाशकारी |
Question 3 of 3 भूकंप एवं ज्वालामुखी
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