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संघीय कार्यपालिका Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: संघीय कार्यपालिका
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निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रपति के लिए निर्वाचक मंडल है लेकिन उनके महाभियोग का मंच नहीं है?
Detailed Explanation:
राष्ट्रपति के लिए निर्वाचक मंडल: लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं (अनुच्छेद 54)।
महाभियोग मंच: केवल संसद (लोकसभा और राज्यसभा) ही अनुच्छेद 61 के तहत राष्ट्रपति पर महाभियोग चला सकती है; राज्य विधान सभाओं की कोई भूमिका नहीं है।
राज्य विधान परिषदें: न तो निर्वाचक मंडल का हिस्सा हैं और न ही महाभियोग में शामिल होती हैं।
अतः, राज्य विधान सभाएं राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेती हैं लेकिन महाभियोग कार्यवाही में नहीं।
वह व्यक्ति जो भारत के राष्ट्रपति, अमेरिका, चीन, तुर्की और थाईलैंड में राजदूत के साथ-साथ जवाहर लाल विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं। वे हैं
Detailed Explanation:
के. आर. नारायण (भारत के 10वें राष्ट्रपति, 1997–2002) एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्होंने अमेरिका, चीन, तुर्की और थाईलैंड में राजदूत और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के कुलपति के रूप में सेवा की।
डॉ. एस. राधाकृष्णन (दूसरे राष्ट्रपति) दार्शनिक और उपराष्ट्रपति थे लेकिन इन देशों में राजदूत या JNU के कुलपति नहीं थे। डॉ. शंकर दयाल शर्मा (9वें राष्ट्रपति) और आर. वेंकटरमन (8वें राष्ट्रपति) ने ये राजनयिक पद या JNU कुलपति का पद नहीं संभाला।
भारत के महान्यायवादी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: अनुच्छेद 76(2) के अनुसार महान्यायवादी को भारत सरकार (राष्ट्रपति सहित) को कानूनी मामलों पर सलाह देना अनिवार्य है।
❌ कथन 2 – गलत: महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में उपस्थित होने का अधिकार है, न कि केवल सर्वोच्च न्यायालय में, जैसा कि अनुच्छेद 76(3) में है।
❌ कथन 3 – गलत: वह संसद के दोनों सदनों, उनकी संयुक्त बैठकों और किसी भी संसदीय समिति की कार्यवाही में बोल सकता है और भाग ले सकता है, लेकिन मतदान नहीं कर सकता (अनुच्छेद 88)।
❌ कथन 4 – गलत: महान्यायवादी सरकार का पूर्णकालिक सेवक नहीं है; वह निजी कानूनी प्रैक्टिस कर सकता है बशर्ते कि उसमें सरकार के खिलाफ पैरवी न हो।
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केंद्र सरकार के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- मंत्रालयों और विभागों का गठन प्रधानमंत्री द्वारा कैबिनेट सचिव के परामर्श से किया जाता है।
- प्रत्येक मंत्री को प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा मंत्रालय आवंटित किया जाता है। इनमें से:
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: अनुच्छेद 77 और कार्य आवंटन नियम, 1961 के तहत, राष्ट्रपति मंत्रालयों और विभागों का निर्माण, विलय या पुनर्गठन करते हैं, प्रधानमंत्री और कैबिनेट सचिव नहीं। PM केवल सिफारिश करते हैं।
✅ कथन 2 – सही: अनुच्छेद 74 और 75 के अनुसार, राष्ट्रपति मंत्रियों को प्रधानमंत्री की सलाह पर विभाग (मंत्रालय) आवंटित करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने से पहले लोकसभा के अध्यक्ष रहे हैं?
Detailed Explanation:
नीलम संजीव रेड्डी भारतीय इतिहास में एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्होंने भारत के राष्ट्रपति चुने जाने से पहले लोकसभा अध्यक्ष के रूप में सेवा की।
उन्होंने दो बार अध्यक्ष के रूप में कार्य किया: पहली बार चौथी लोकसभा (1967-69) में और फिर छठी लोकसभा (1977) में, इसके बाद वे भारत के 6वें राष्ट्रपति (1977-82) बने।
ज्ञानी जैल सिंह 7वें राष्ट्रपति (1982-87) थे लेकिन कभी अध्यक्ष नहीं रहे; वी. वी. गिरि तीसरे राष्ट्रपति (1969-74) थे लेकिन कभी अध्यक्ष नहीं रहे; ए. पी. जे. अब्दुल कलाम 11वें राष्ट्रपति (2002-07) थे लेकिन कभी अध्यक्ष नहीं रहे।
निम्नलिखित शब्दों को तार्किक और सार्थक क्रम में व्यवस्थित करें:
- उपराष्ट्रपति
- राष्ट्रपति
- अध्यक्ष
- प्रधानमंत्री
- संसद सदस्य
Detailed Explanation:
प्रश्न भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में तार्किक पदानुक्रम को संवैधानिक महत्व और प्रोटोकॉल क्रम के आधार पर पूछता है।
राष्ट्रपति (2) – राष्ट्राध्यक्ष और भारत के प्रथम नागरिक, सर्वोच्च संवैधानिक प्राधिकारी।
उपराष्ट्रपति (1) – दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद, राज्यसभा के पदेन सभापति के रूप में कार्य करते हैं।
प्रधानमंत्री (4) – सरकार के प्रमुख, कार्यपालिका के नेता और व्यवहार में सबसे शक्तिशाली पदाधिकारी।
अध्यक्ष (3) – लोकसभा के पीठासीन अधिकारी, सदन का सामूहिक रूप से प्रतिनिधित्व करते हैं।
संसद सदस्य (5) – निर्वाचित प्रतिनिधि जो संसद का गठन करते हैं, इस पदानुक्रम में सबसे निचले स्तर पर।
संवैधानिक प्रोटोकॉल और पद के अनुसार सही तार्किक क्रम है: 2, 1, 4, 3, 5।
भारतीय राष्ट्रपति कितनी बार पुनः चुनाव के लिए पात्र हैं?
Detailed Explanation:
भारतीय संविधान में राष्ट्रपति पद के लिए पुनः चुनाव की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। अनुच्छेद 57 स्पष्ट रूप से बिना किसी प्रतिबंध के पुनः चुनाव की अनुमति देता है।
राष्ट्रपति पांच वर्ष की अवधि के लिए कार्य करते हैं और बार-बार चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति 22वें संशोधन द्वारा केवल दो कार्यकाल तक सीमित हैं।
अतः, राष्ट्रपति कितनी भी बार पुनः चुनाव के लिए पात्र हैं, जिससे विकल्प 3 सही उत्तर है।